जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट और न्यू मंगलौर पोर्ट ने प्राथमिकता के आधार पर 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्राप्त कर उसका प्रबंधन किया

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट और न्यू मंगलौर पोर्ट ने प्राथमिकता के आधार पर 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्राप्त कर उसका प्रबंधन किया

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट और न्यू मंगलौर पोर्ट ने आजप्राथमिकता के आधार पर 120 मीट्रिक टन मेडिकलऑक्सीजन कंटेनरों में प्राप्त कर उसका प्रबंधन किया है।

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भारत के सबसे बड़े कंटेनर पोर्ट, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्टपर 80 मीट्रिक टन की कुल मात्रा वाले चार मेडिकल-ग्रेडऑक्सीजन से भरे क्रायोजेनिक कंटेनरों को उतारा गया।प्रत्येक क्रायोजेनिक कंटेनर में 20 मीट्रिक टन लिक्विडमेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन लाई गई है। ये मेडिकल ग्रेडऑक्सीजन कंटेनर जेबल अली पत्तन, संयुक्त अरब अमारातमें लोड किए गए थे और ये आज भारत पहुंच गए है।

भारतीय नौसेना का पोत आईएनएस कोलकाता आज कुवैतसे 40 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लेकर न्यू मैंगलोर पोर्ट पहुंचा।कार्गो में 5 टन वाले ऑक्सीजन सिलेंडर तथा 4 उच्च प्रवाहवाले ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स भी आये हैं।

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यहां पर यह ध्यान देने योग्य बात यह है कि पत्तन, पोतपरिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने कामराजार पोर्ट लिमिटेडसहित भारत के सभी प्रमुख बंदरगाहों को मेजर पोर्ट ट्रस्टद्वारा लगाए गए सभी शुल्कों (पोत से संबंधित शुल्क, भंडारणशुल्क सहित) से छूट देने के लिए निर्देशित किया है। साथ हीमंत्रालय ने ऑक्सीजन से संबंधित सामान की खेप लेकरआने वाले जहाजों को बर्थिंग सीक्वेंस के क्रम में सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आदेश दिया है।