
Vinod Kumar Shukla Death: ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता साहित्यकार के निधन पर जे.पी. नड्डा ने जताया शोक
प्रसिद्ध साहित्यकार और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर जे.पी. नड्डा ने गहरा शोक जताया, इसे हिंदी साहित्य की अपूरणीय क्षति बताया।
ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन
जे.पी. नड्डा ने जताया शोक, बोले– हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर खो दी
नई दिल्ली। प्रसिद्ध उपन्यासकार, लेखक, कवि और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर देशभर में शोक की लहर है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने उनके निधन को साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
जेपी नड्डा ने अपने शोक संदेश में कहा कि विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएँ मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण थीं और सामान्य जन के बीच अत्यंत लोकप्रिय रहीं। उन्होंने कहा कि उनकी सरल, सहज और संवेदनशील लेखनी हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर है।
जेपी नड्डा ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल ने अपनी लेखनी के माध्यम से आम जीवन, मानवीय पीड़ा और संवेदनाओं को अत्यंत सरल भाषा में प्रस्तुत किया। उनका साहित्य आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बना रहेगा।
जेपी नड्डा ने दिवंगत साहित्यकार के परिजनों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा—
“ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करें।”
विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर साहित्य, संस्कृति और राजनीति जगत से जुड़े कई जनप्रतिनिधियों, लेखकों और बुद्धिजीवियों ने भी शोक व्यक्त किया है। उनके योगदान को हिंदी साहित्य के इतिहास में सदैव स्मरणीय बताया जा रहा है।












