


रिखीराम नागेश ब्यूरो चीफ/ गरियाबंद जिले में लगातार झोलाछाप डॉक्टरों के ऊपर खबर छापने से बौखलाए झोलाछाप डॉक्टरों ने एक बार फिर खबर छापने वाले एक समाचार पत्र के संवाददाता के घर धमकाने पहुंच गए ।ज्ञात हो कि इससे पहले लगभग 100 की संख्या में 2 माह पूर्व झोलाछाप डॉक्टरों ने पीड़ित पत्रकार के घर धमकाने पहुंचे थे। हालांकि इस मामले को लेकर थाने में शिकायत दर्ज की गई थी पर कार्यवाही नहीं होने की वजह से झोलाछाप डॉक्टरों का हौसला फिर बुलंद हो गया और 12 मई बुधवार को ग्राम पंचायत पोंड के सरपंच सहित लगभग 12 से 15 लोग पीड़ित संवाददाता के परिवार को एवं बीवी बाल बच्चे को धमकी देने लगे तथा संवाददाता के बीवी को कहा कि अपने पति को समझा आगे से झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ खबर ना छापे। अभी तो हम लोग इतने लोग आए हैं ,अगर खबर छापा तो इससे ज्यादा लोग तुम्हारे घर पहुंच जाएंगे ।आपको बता दे कि अवैध रूप से संचालित होने वाले झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक में बीते 3 माह पूर्व जिला अस्पताल के नोडल अधिकारी व उसकी टीम ने क्षेत्र के पोंड ग्राम में कार्यवाही की थी ।अवैध संचालित क्लीनिक को सील किया था ।उसके बाद से लगातार कार्यवाही होने से झोलाछाप डॉक्टर सकते में आ गए और कुछ नहीं कर सकने की सूरत में पहले तो अपने झोलाछाप डॉक्टरों की संघ के माध्यम से कलम को दबाने की कोशिश की जब नहीं दबा सके तो एक बार फिर ग्राम पोंड के सरपंच को सीधा सहारा लेकर पत्रकार के परिवार को धमकी देने पहुंच गए ।उस वक्त संवाददाता की पत्नी देवकी साहू अपने घर स्थित किराना दुकान में थी ।जब उसने अपने पति को इस घटना के बारे में बताया तो फिर उन्होंने परिवार की सलाह लेकर संबंधित सरपंच एवं उनके साथ आए लोगों के खिलाफ फिंगेश्वर थाने में लिखित शिकायत की और कार्यवाही की मांग की है तथा जिले में धारा 144 लागू है और 10 लोगों से ज्यादा भीड़ बढ़ाने वालों को पर कार्रवाई हो रही है ऐसे में सरपंच इस संवाददाता के घर 15 लोगों को लेकर धमकाने पहुंच गई।
खुद जनप्रतिनिधि नियम तोड़ने में लगे हैं ,ऐसे में नियम का पालन कौन करेगा।वहीं इस घटना को लेकर जिले के पत्रकारों में काफी आक्रोश है ।क्योंकि यह पहली घटना नहीं है इससे पहले पांडुका क्षेत्र में एक समाचार पत्र के संवाददाता के घर यह सरपंच अपने साथियों के साथ जाकर उसके घर में धमकी देकर आ चुकी है ।उस समय भी शिकायत हुआ था पर कार्यवाही नहीं हुई ।वैसे भी जिले में ऐसी खबर छापने वाले कलम के सिपाहियों के साथ कई घटनाएं हो चुकी हैं पर कार्यवाही नहीं होने की वजह से उसके परिवार को धमकाया जाता है या खबर छापने से रोका जाता है ।बहरहाल पीड़ित पत्रकार एवं उसकी पत्नी ने आगे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का मन बना लिया है क्योंकि जिले में कार्यवाही की उम्मीद करना बेकार है। वही इस बारे में थाना प्रभारी फिंगेश्वर भूषण चंद्राकर से पूछने पर बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी ।












