उत्तर भारत में भूकंप, दिल्ली-NCR, UP, पंजाब, राजस्थान हिले : तीव्रता 6.6 आंकी गई; अफगानिस्तान में सेंटर, कजाकिस्तान, पाकिस्तान और चीन में भी झटके

नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में मंगलवार रात करीब सवा दस बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। UP, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार में भी झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता 6.6 आंकी गई। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के फैजाबाद से 133 किमी दक्षिण पूर्व में रहा। भूकंप का केंद्र जमीन से 156 किमी की गहराई में था।

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गुरुग्राम में भूकंप की वजह से रोकी गई मेट्रो

हरियाणा के गुरुग्राम में भूकंप के झटके इतने तेज थे कि मेट्रो को भी रोक दिया गया। वहीं यूपी के नोएडा और गाजियाबाद में ये झटके इतने तेज थे कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। इसका वीडियो भी सामने आया है।

भूकंप से जानमाल के नुकसान की खबर तो अभी नहीं है, लेकिन दिल्ली में शकरपुर इलाके में एक इमारत के झुकने की सूचना मिली थी। दमकल विभाग के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने कहा- हमारी टीम ने पूरे इलाके में सर्च किया। हमें कहीं ऐसी बिल्डिंग नहीं मिली है। भारत के अलावा, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, कजाकिस्तान और चीन में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके लगने से लोग घबराहट में घरों से बाहर निकल गए। भूकंप के झटके कई सेकेंड तक महसूस किए

जयपुर सहित राजस्थान के कई जिलों में रात साढ़े दस बजे महसूस हुए झटके

राजस्थान में मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। जयपुर सहित तमाम शहरों में लोग घरों से बाहर भागे। एक-दूसरे को फोन कर भूकंप आने की जानकारी दी।

बीकानेर, जोधपुर, अलवर, गंगानगर, अजमेर, झुंझुनूं आदि शहरों में भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घर से बाहर की ओर दौड़े। अपने नाते-रिश्तेदारों को फोन करके इसकी जानकारी भी दी, ताकि सभी सुरक्षित अपने घरों से बाहर आ जाएं।

ग्वालियर में भूकंप से डरे लोग, घरों से बाहर निकले

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में भी रात करीब 10:20 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। लोगों ने कुछ सेकेंड्स के लिए कंपन महसूस किया। शहर में ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग तो सड़क पर निकल आए। भूकंप को लेकर लोगों में दहशत देखी गई। हालांकि, कहीं से किसी प्रकार के नुकसान की खबर अब तक नहीं है।

झटकों पर दिल्ली-NCR के लोगों का रिएक्शन

नोएडा हाइड पार्क सोसाइटी में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि उसने सबसे पहले डाइनिंग टेबल को हिलते हुए देखा। इसके तुरंत बाद हमने देखा कि पंखे भी हिल रहे थे। भूकंप की तीव्रता काफी तेज थी और यह काफी देर तक रुका रहा।

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दिल्ली में एक कैब मालिक रमेश पवार ने कहा कि जब वह कनॉट प्लेस के पास यात्रियों का इंतजार कर रहा था तो उसने भूकंप महसूस किया। अचानक मेरी कार हिलने लगी। मैं तुरंत चिल्लाया और अपने दोस्तों को इसके बारे में बताया।

दक्षिणी दिल्ली के लाजपत नगर की रहने वाली ज्योति ने कहा कि वह TV देख रही थी, तभी अचानक उसने देखा कि टीवी और सोफा हिल रहे हैं। शुरू में उसने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन जब उसके पति ने उसे सचेत किया तो वह और उसके परिवार के सदस्य अपने घर से बाहर निकल गए।

भारत भी यूरोप की तरफ खिसक रहा है

2022 में ऑस्ट्रेलिया के भूवैज्ञानिकों ने धरती पर मौजूद सभी टैक्टोनिक प्लेटों का एक नया नक्शा तैयार किया था। इसमें बताया गया था कि इंडियन प्लेट और ऑस्ट्रेलियन प्लेट के बीच माइक्रोप्लेट को नक्शे में शामिल किया गया है। साथ ही कहा गया था कि भारत यूरोप की तरफ खिसक रहा है।

इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इन दो प्लेटों के टकराव से हिमालय सहित उत्तरी हिस्सों में भीषण भूकंप आ सकता है। ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड में डिपार्टमेंट ऑफ अर्थ साइंसेस के लेक्चरर डॉ. डेरिक हैस्टरॉक और उनके साथियों ने मिलकर ये नक्शा तैयार किया है।

डॉ. डेरिक ने कहा है कि हमारा नक्शा पिछले 20 लाख सालों में धरती पर आए 90 फीसदी भूकंपों और 80% ज्वालामुखी विस्फोटों की पूरी कहानी बताता है। वहीं वर्तमान मॉडल सिर्फ 65% भूकंपों की जानकारी देता है। इस नक्शे की मदद से लोग प्राकृतिक आपदाओं की गणना कर सकते हैं।

2004 में अंडमान का इंदिरा पॉइंट डूब गया था

  • 26 दिसंबर 2004 को इंडोनेशिया में आए भूकंप और फिर सुनामी के चलते अंडमान-निकोबार द्वीप समूह का इंदिरा पॉइंट जलमग्न हो गया था। यह द्वीप सुमात्रा से 138 किमी की दूरी पर स्थित है।
  • यहां पर एक ही लाइट हाउस है जिसका उद्घाटन 30 अप्रैल 1972 को हुआ था। यह भारत के एकदम दक्षिण में स्थित है और इसे भारत का आखिरी बिंदु भी कहा जाता है।
  • इसका नाम भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर रखा गया है। इंदिरा पॉइंट का लाइट हाउस भारत होते हुए मलेशिया और मलक्का जाते हुए जहाजों को रोशनी देने का काम करता है।