
निगम आयुक्त ने सब इंजीनियर को किया सस्पेंड!
निगम आयुक्त ने सब इंजीनियर को किया सस्पेंड!
भिलाई: नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 65, सेक्टर 7 में निर्माणाधीन इंडोर बैडमिंटन कोर्ट ढहने के मामले में निगम आयुक्त रोहित व्यास ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने जांच टीम की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर निर्माण कार्य करा रही उप अभियंता श्वेता महेश्वरी को सस्पेंड कर दिया। वहीं ठेकेदार का अनुबंध और कार्यआदेश निरस्त करते हुए अमानत राशि को राजसात कर लिया गया है।
भिलाई नगर निगम आयुक्त रोहति व्यास ने निर्माणाधीन इंडोर बैडमिंटन कोर्ट की दीवार ढह जाने के मामले में 4 सदस्यीय टीम का गठन किया था। इस टीम ने सोमवार को साइट का निरीक्षण किया। टीम से मिली प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर निगमायुक्त ने सब इंजीनियर और ठेकेदार की गड़बड़ी पाई। इस पर उन्होंने मंगलवार शाम उप अभियंता श्वेता महिश्वर को निलंबित करने का आदेश जारी किया। जारी आदेश में निर्माण एजेंसी के विरुद्ध भी कार्यवाही की गई है।
निर्माण एजेंसी किरण कंस्ट्रक्शन का अनुबंध और कार्य आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। साथ ही साथ निविदा के लिए जमा की गई अमानती राशि को निगम ने राजसात कर लिया है। फिलहाल जांच टीम अभी भी मामले की जांच कर रही है। निर्माणाधीन स्टेडियम क्यों गिरा इसके कारणों का पता अभी नहीं चल पाया है।
महापौर का दावा भी हुआ फेल
इस मामले में निगम के महापौर नीरज पाल ने अपनी फजीहत बचाने के लिए आकाशीय बिजली गिरने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि बिजली गिरने से बिल्डिंग की दीवार ढही है। वहां पर जलने के अवशेष भी मिले हैं, लेकिन जब जांच की गई तो वहां बिजली गिरने के कोई भी साक्ष्य नहीं मिले हैं। इससे साफ है कि भवन घटिया निर्माण के चलते गिरा है।
हल्की बारिश में गिरी थी बिल्डिंग
19 मार्च को मौसम के बदलने से हल्की बारिश हुई थी। सुबह लोगों ने देखा कि सेक्टर-7 में निर्माणाधीन इंडोर टेनिस स्टेडियम की दीवार अचानक गिर गई। लोगों ने देखा कि वहां कॉलम तक टूट गए थे। यह बात जब भाजपा नेताओं को पता चली तो सांसद दुर्ग विजय बघेल, जिलाध्यक्ष भिलाई बृजेश बिचपुरिया सहित बड़े नेता वहां पहुंचे और नारेबाजी करने लगे।
ये अधिकारी कर रहे मामले की जांच
निगम आयुक्त रोहित व्यास ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह टीम अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार जोशी के मार्ग दर्शन में जांच कर रही है। इनके साथ इस टीम में अधीक्षण अभियंता बीके देवांगन, कार्यपालन अभियंता संजय बागडे़ और सहायक अभियंता विनिता वर्मा शामिल हैं। टीम सात दिन के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट निगम आयुक्त को सौंपेगी।










