
चिराग सोशल वेलफेयर सोसाइटी ने विश्व क्षय दिवस 2023 के अवसर पर किया संगोष्ठी का आयोजन चिराग सोशल वेलफेयर सोसाइटी अंबिकापुर द्वारा संचालित लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना भाटापारा के द्वारा विश्व क्षय दिवस 2023 के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। परियोजना संचालक मंगल पाण्डेय, परियोजना संचालक मंगल पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्वक्षय दिवस हर साल 24 मार्च को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य टी. बी. बीमारी के विषय मे लोगों को जागरूकता करना है।टी. बी. एक संक्रामक रोग है, जो बहुत पुरानी बीमारी है। यह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है। TB कई मामलों में घातक संक्रामक बीमारी है जो माइक्रोबैक्टीरिया, आमतौर पर माइकोबैक्टीरियम तपेदिक के विभिन्न प्रकारों की वजह से होती है। क्षय रोग आम तौर पर फेफड़ों पर हमला करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य भागों को भी प्रभावित कर सकता हैं।
यह हवा के माध्यम से तब फैलता है, जब वे लोग जो सक्रिय टी.बी. संक्रमण से ग्रसित हैं, खांसी, छींक, या किसी अन्य प्रकार से हवा के माध्यम से अपना लार संचारित कर देते हैं। स्पर्शोन्मुख और भीतरी होते है, लेकिन दस में से एक भीतरी संक्रमण, अंततः सक्रिय रोग में बदल जाते हैं, जिनको अगर बिना उपचार किये छोड़ दिया जाये तो ऐसे संक्रमित लोगों में से 50% से अधिक की मृत्यु हो जाती है। परियोजना प्रबंधक दशोदी सिंह द्वारा टीबी के बारे में बताया गया कि भारत में 2025 तक देश से क्षय रोग (टीबी) को खत्म करने के लक्ष्य के लिये प्रतिबद्ध है रोग के सामान्य लक्षण 3 महीने से अधिक समय तक खांसी, थकान, बुखार, ठंड लगना, रात में पसीना आना, सीने में दर्द, सांस लेने में समस्या, भूख न लगना है। टीबी पैदा करने वाले बैक्टीरिया के विकास को रोकने के लिए विभिन्न दवाएं और एंटीबायोटिक हैं। रोग के कई रूप दवा प्रतिरोधी बन गए हैं। चिराग सोशल वेलफेयर सोसाइटी के द्वारा टी बी को ख़तम करने की दिशा मे हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया गया।कार्यक्रम में उपस्थित सभी के द्वारा शपथ लिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में नम्रता साहू अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी सह लेखापाल , सुलोचना देवांगन परामर्शदाता, किरण सोनवानी, अनिता लहरे , निर्मला सतनामी , सुंदरी कौशल, रेखा कोसले का योगदान रहा।










