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विकासखंड भैयाथान के स्कूलों और महाविद्यालयों में छात्र-छात्राएँ बने बाल विवाह रोकथाम के एंबेसडर

विकासखंड भैयाथान के स्कूलों और महाविद्यालयों में छात्र-छात्राएँ बने बाल विवाह रोकथाम के एंबेसडर

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सूरजपुर/कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी रमेश साहू के मार्गदर्शन में जिले में बाल विवाह और बाल संरक्षण के विभिन्न विषयों की जानकारी विकासखंड भैयाथान स्कूलों और महाविद्यालय में छात्र छात्राओं को इस विषय पर जागरूक किया जा रहा है। शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय भैयाथान, पंडित रविशंकर त्रिपाठी महाविद्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में बाल विवाह और बाल संरक्षण के महत्वपूर्ण विषयों पर कार्यशाला का आयोजित किया गया। इस कार्यशाला में छात्रों को बाल विवाह की हानियों और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
मनोज जायसवाल ने विद्यार्थियों को बाल विवाह, बाल संरक्षण कानूनों, और सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक किया। अपने अनुभव साझा करते हुए, उन्होंने वास्तविक जीवन की कुछ केस स्टडी के माध्यम से बाल विवाह के गंभीर परिणामों को समझाया जायसवाल ने पॉक्सो अधिनियम के तहत बच्चों को लैंगिक अपराधों से बचाने के प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों को गलत तरीके से घूरना, पीछा करना, रास्ता रोकना, आपत्तिजनक चित्र दिखाना या अनुचित रूप से छूना भी कानूनन अपराध है। गुड टच और बैड टच की पहचान करने और पॉक्सो अधिनियम के तहत सुरक्षा के लिए तीन प्रमुख उपाय – नो (विरोध करना), गो (घटना स्थल से भागना), और टेल (किसी विश्वसनीय व्यक्ति को बताना) – को समझाया गया। इसके अलावा, एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। उन्होंने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत बच्चों को नशे से बचाने के लिए बनाए गए प्रावधानों की जानकारी दी। धारा 77 और 78 के अनुसार, बच्चों को नशा कराना या नशे का सामान बेचना अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर 1 लाख रूपये तक का जुर्माना और 2 साल की सजा का प्रावधान है।
बच्चों को प्रेरित करने के लिए ’’चुप्पी तोड़ो’’ गतिविधि का आयोजन किया, जिसमें बच्चों को अपने साथ होने वाली किसी भी गलत घटना के बारे में बोलने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यशाला में बाल श्रम और भिक्षावृत्ति के खिलाफ जागरूकता भी बढ़ाई गई। उन्होंने बाल श्रम निषेध और विनियमन अधिनियम, 1986 के प्रावधान समझाते हुए बताया कि बच्चों से श्रम कराने पर 6 महीने से 2 साल तक की सजा और 20,000 से 50,000 तक का जुर्माना हो सकता है। विद्यार्थियों को साइबर क्राइम और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने साइबर सुरक्षा के उपायों और नशे से बच्चों को बचाने के लिए समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यूनिसेफ़ के ज़िला समन्वयक श्री प्रथमेश मानेकर ने विद्यार्थियों को बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि भारत में बाल विवाह की दरें चिंताजनक हैं, और एनएफएचएस-5 के आंकड़ों के अनुसार, सूरजपुर जिले में यह दर 34.4 प्रतिषत है, जो देश में सबसे अधिक है। इसे समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। प्रथमेश ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे बाल विवाह रोकथाम के एंबेसडर के रूप में कार्य करें और समाज में जागरूकता फैलाने में योगदान दें। उन्होंने बाल विवाह की परिभाषा, इसके कारण, नकारात्मक प्रभाव, और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के अधिकार और सोशल मीडिया के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों पर भी चर्चा की गई। मानेकर ने विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की प्रेरणा दी और उन्हें यह समझाया कि उनका छोटा सा प्रयास भी इस गंभीर सामाजिक समस्या को समाप्त करने में बड़ा बदलाव ला सकता है।
चाइल्ड लाइन से शीतल सिंह ने बाल अधिकार, बाल श्रम और चाइल्ड लाइन की सेवाओं के बारे में जानकारी दी और 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन) और 100 (पुलिस हेल्पलाइन) जैसी टोल-फ्री सेवाओं की जानकारी साझा की। सखी सेंटर से साबरिन फ़ातिमा द्वारा सखी वन स्टॉप सेंटर के बारे बताया इसमें सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउन्सलिंग की सुविधा वन स्टॉप सेन्टर में उपलब्ध होती है। एक ही छत के नीचे हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एकीकृत रूप से सहायता एवं सहयोग प्रदाय करता है। इसके बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम में ज़िला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल, यूनिसेफ़ के ज़िला समन्वयक श्री प्रथमेश मानेकर, प्राचार्य सुखेंद्र प्रताप सिंह शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैयाथान, पंडित रविशकर त्रिपाठी महाविद्यालय भैयाथान के एनएसएस प्रभारी श्री चोलसाय चेरवा, श्रीमती हुमी सिंह, सखी सेंटर से साबरीन फ़ातिमा, चाईल्ड हेल्पलाईन से शीतल सिंह परामर्शदाता, विद्यालयो एवं महाविद्यालय से सभी शिक्षक-शिक्षिका, प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

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