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प्रकृति के अतिदोहन से दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं : सीएम योगी

प्रकृति के अतिदोहन से दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं : सीएम योगी

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अनिल यादव /रिपोटर /बलरामपुर/ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज आज एक बड़ी चुनौती है। विगत साल हमने असमय अतिवृष्टि को देखा है। प्रकृति के अतिदोहन से दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय नेशनल क्लाइमेट कॉन्क्लेव-2023 का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि विगत साल हमने असमय अतिवृष्टि को देखा है। बीते 25 साल के सार्वजनिक जीवन में मैंने कभी नहीं देखा कि अक्टूबर में बाढ़ आई हो। किसान को जब पानी की जरूरत है तो बारिश नहीं होती और फसल काटते वक्त असमय बरसात पूरी मेहनत पर पानी फेर देती है। यह प्रकृति के अतिदोहन के दुष्परिणाम हैं।
सीएम ने कहा कि क्लाइमेट चेंज आज दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती है। भारत की परंपरा सदैव से पर्यावरण हितैषी रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दुनिया के सबसे प्राचीन ग्रंथ में वेदों में अथर्ववेद का एक सूक्त हमें धरती के प्रति अगाध निष्ठा के साथ जोड़ने का प्रयास करता है। इसके अनुसार धरती हमारी माता है और हम सब इसके पुत्र हैं। संपूर्ण जीव सृष्टि में प्रकृति प्रदत्त मां के प्रति दायित्व का दर्शन होता है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ विकास आज की आवश्यकता है, तो पर्यावरण और प्रकृति के प्रति दायित्वों से भी हम मुक्त नहीं हो सकते। मनुष्य ने अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए प्रकृति का अतिदोहन कर जिन दुष्परिणामों को आमंत्रित किया है, आज हम सब उसके भुक्तभोगी बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत पूरी दुनिया को पर्यावरण संरक्षण की नई राह दिखाने का कार्य कर रहा है। उत्तर प्रदेश में लगातार इस दिशा में कार्य हो रहे हैं। आगामी जुलाई माह में प्रदेशभर में 35 करोड़ पौधरोपण किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि 2017 में जब हमें सरकार बनाने का अवसर प्राप्त हुआ तब पहले वर्ष हमने 5 करोड़, फिर 10 करोड़ पौधरोपण किया। विगत 6 साल में यूपी में 133 करेाड़ पौधरोपण का कार्य किया गया है। आज यूपी में आम नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण का भाव पैदा हुआ है। आज हम 100 साल से पुराने वृक्षों को विरासत वृक्ष के रूप में मान्यता देकर उनका संरक्षण कर रहे हैं। प्रदेश में ऐसे कई वृक्ष हैं, जिनके नीचे बैठकर क्रांतिकारियों ने देश की आजादी की रणनीति तय की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डीजल और पेट्रोल की गाडियों को धीरे धीरे सड़क से हटाकर ई-व्हीकल और ग्रीन इनर्जी को प्रमोट करने का कार्य हो रहा है। यूपी आज सबसे ज्यादा एथनॉल उत्पादन कर रहा है। प्रदेश में खेती को विषमुक्त करने का अभिनव कार्य प्रारंभ हुआ है। यूपी में हम प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। गोमाता की रक्षा के साथ गो आधारित खेती के जरिए विषमुक्त खेती का अभियान शुरू किया। गंगा तटवर्ती 27 जिलों और बुंदेलखंड में 1.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हम जैविक और प्राकृतिक खेती कर रहे हैं।
सीएम ने बताया कि नमामी गंगे परियोजना से काफी अच्छे परिणाम सामने आये हैं। आज प्रयागराज से बक्सर तक गंगा में डालफिन दिख रही हैं। पहले कानपुर में 14 करोड़ लीटर सीवर गिरता था, आज एक बूंद भी नहीं गिरता।
इस दौरान केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेन्द्र यादव और सीएम योगी ने कान्क्लेव में लगाए गए एग्जीबिशन का भी अवलोकन किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन एवं प्रदेश के विरासत वृक्षों पर आधारित पुस्तिकाओं का विमोचन किया। साथ ही उत्तर प्रदेश स्टेट क्लाइमेट चेंज नॉलेज सेंटर का उद्घाटन किया। इसके अलावा पर्यावरण क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों और अधिकारियों को सम्मानित किया।

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