
राष्ट्रीय जनगणना के मुद्दे को लेकर माह जून में ओबीसी महासभा द्वारा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ,गृह मंत्री एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार को ज्ञापन सौंपने का निर्णय वर्चुअल मीटिंग में लिया गया

ओबीसी महासभा के वर्चुअल मीटिंग में ओबीसी अधिकार आंदोलन को गति देने हेतु संगठन विस्तार की आवश्यकता पर दिया गया जोर
ओबीसी महासभा का वर्चुअल मीटिंग दिनांक 9 जून 2023 को संपन्न हुआ, जिसका संचालन प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी राधेश्याम के द्वारा किया गया। बैठक की शुरुआत जय जवान, जय किसान, जय ओबीसी ,जय सविधान की जय घोष के साथ हुआ। बैठक की स्वागत भाषण प्रदेशमहासचिव ओबीसी जनक राम के द्वारा किया गया । वर्चुअल मीटिंग में दिए गए निर्धारित एजेंडा पर क्रमशः चर्चा हुई,जिसमें माह जून का ज्ञापन राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी का कोड नंबर निर्धारित करते हुए शीघ्र किए जाने की मांग महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री ,गृह मंत्री एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के नाम ज्ञापन कलेक्टर /एसडीएम/ तहसीलदार के माध्यम से संभावित तिथि 19 जून को सौंपा जाएगा ।संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण हेतु सभी पदाधिकारी को कम से कम प्रति सप्ताह किसी न किसी इकाई का गठन कर संगठन विस्तार की दिशा में कार्य किए जाने पर आम सहमति बनी। ओबीसी महासभा के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्माण हेतु कार्यालय स्थापना, वाल लेखन, अपने घरों में ओबीसी महासभा का झंडा लगाना, अपने निजी वाहनों में पदनाम अंकित किया जाना ,अपने पारिवारिक, सामाजिक ,राजनीति एवं अन्य कार्यों के साथ-साथ ओबीसी महासभा के अधिकार आंदोलन के मुद्दों को जन जन तक पहुंचाना एवं इन मुद्दों को आम चर्चा का विषय बनाना आदि बातों पर जोर डाला गया ।ओबीसी महासभा की आर्थिक ,सामाजिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए अन्य गतिविधियों को भी शामिल किए जाने पर जोर दिया गया । प्रदेश मीडिया प्रभारी गौरवकुमार ने ओबीसी समाज के युवाओं के कैरियर काउंसलिंग के लिए सभी जिला मुख्यालयों में ओबीसी महासभा के द्वारा कोचिंग सेंटर चलाए जाने हेतु कार्ययोजना पर प्रकाश डाला, साथ ही मातृ शक्तियों को इस मुहिम से जुड़ने के लिए स्व सहायता समूह के माध्यम से छोटी-छोटी उत्पाद शुरू कर किया जा सकता है ।सामाजिक विकास के लिए जाति समाज के साथ ओबीसी महासभा को जोड़कर सामाजिक मजबूती लाया जा सकता है ।ओबीसी महासभा के व्हाट्सएप ग्रुपों में ओबीसी महासभा के गतिविधियों एवं सूचनाओं के संवहन के साथ ओबीसी हित संरक्षण एवं संवर्धन के दिशा में शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों को समाहित किए जाने का सुझाव दिया गया। ओबीसी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों में कुशल नेतृत्व क्षमता विकसित किए जाने पर भी जोर डाला गया ।ओबीसी के लिए आरक्षण उतना ही आवश्यक है ,जितना कि एक भूखे व्यक्ति को भोजन। इस देश में ओबीसी समाज के साथ जितना अन्याय हुआ है शायद किसी अन्य समाजों के साथ नहीं हुआ है। विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक भारत देश के अर्थव्यवस्था के *रीढ़ की हड्डी* ओबीसी समाज को सामाजिक न्याय कब मिलेगा ।देश में सामाजिक और शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े हुए जातियों को 3 वर्गों में रखा गया है ,जिसमें अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग आते हैं।इस देश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की प्रत्येक 10 वर्ष में होने वाली राष्ट्रीय जनगणना में गणना होती है ,जिससे इनके आंकड़े उपलब्ध हो जाते हैं, परंतु आधे से ज्यादा आबादी वाले अन्य पिछडे वर्ग की जनगणना ब्रिटिश शासन काल में 1931 में अंतिम बार हुआ है ।आजाद भारत में आज पर्यंत ओबीसी की जनगणना नहीं हुई है ।इसके लिए गणतंत्र लागू होने के बाद जो भी केंद्र के सत्ता में रहे ,सभी जिम्मेदार हैं। 2021 की जनगणना के परिपेक्ष में बड़ी पार्टियों का क्या सोच है इस पर भी चिंतन किया गया ।ओबीसी महासभा लगातार इस मुद्दे को सरकार के समक्ष पूरे देश भर में रखते रहे हैं। इसके बावजूद भी सरकार द्वारा संतोषप्रद पहल नहीं किया जाना बहुत बड़ा यक्ष प्रश्न खड़ा करता है ।आखिरकार राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी की जनगणना आवश्यक क्यों हैं और ओबीसी की जनगणना करने से रोकने वाले कौन-कौन से बाधक तत्व इस देश में काम कर रही है ,आज ओबीसी समाज को सोचने के लिए मजबूर किया है। ओबीसी महासभा 15 जून 2023 को 3 वर्ष पूर्ण कर लेगी ,इस अवसर पर ग्वालियर में स्थापना दिवस मनाया जाएगा जिसमें छत्तीसगढ़ से अधिक से अधिक पदाधिकारी शामिल होने के लिए भी विचार विमर्श किया गया ।छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में प्रदेश स्तर पर ओबीसी महासभा का सम्मेलन किए जाने पर भी रणनीति तय की गई ।वर्ष 2023 की वार्षिक सदस्यता अभियान भी चालू किए जाने पर आम सहमति बनी । चुनावी वर्ष 2023 में ओबीसी महासभा की भूमिका पर भी गहन चिंतन किया गया। बैठक को प्रदेश महासचिव यज्ञदेव पटेल, प्रदेश सचिव कृष्णा प्रजापति, जिला महासचिव बिलासपुर नारायण पाली ,प्रदेश पदाधिकारी ऋषि कश्यप, दुर्ग जिलाध्यक्ष टी.आर साहू ,बस्तर संभाग उपाध्यक्ष तुलसीराम ठाकुर, छाल तहसील अध्यक्ष निर्मल साहू एवं उपस्थित पदाधिकारियों ने बारी बारी से वक्तव्य पेश किया तथा मीटिंग का आभार प्रदर्शन बिलासपुर संभाग उपाध्यक्ष चैतु राम साहू के द्वारा करते हुए सभा समाप्ति की घोषणा की गई।बैठक में आलोक साहू ,आनंद रजवाड़े, कोरिया जिला महासचिव ईश्वर दयाल राजवाड़े, कांकेर जिला अध्यक्ष कोमल नेवला, राजेश कुमार, राजकुमार साहू, राजू राजवाड़े, कोरिया जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा राम नारायण साहू, सत्य प्रकाश साहू, सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिलाध्यक्ष शनीराम साहू ,कोरिया जिला सचिव शिवप्रसाद राजवाड़े ,जसपुर जिला अंतर्गत फरसाबहार विकासखंड सचिव स्वतंत्र राय, विद्यांचल यादव, कोरबा जिला अध्यक्ष ओबीसी नकुल राजवाड़े, सरगुजा संभाग प्रवक्ता आनंद सिंह यादव ,रायगढ़ जिला से महिला मोर्चा खीर बाई साहू ,कोरिया जिला महासचिव महिला मोर्चा लक्ष्मी यादव, बैकुंठपुर ब्लॉक अध्यक्ष युवा मोर्चा प्रकाश नाथ, नारायण साहू शामदेव ,सुखराम साहू ,योगेश साहू, लक्ष्मी साहू ,डॉक्टर संतोष साहू, गायत्री इंडस्ट्री ,जीपीएम जिला महासचिव दीपेंद्र यादव, सरिता राज एवं प्रदेश भर के पदाधिकारी की गरिमामय उपस्थिति रही।












