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बीएल हॉस्टल में करैत सांप ने छात्र को डंसा

बीएल हॉस्टल में करैत सांप ने छात्र को डंसा

सात घंटे बाद प्रबंधन चिकित्सालय पहुंचाया रास्ते में मौत

भेड़ बकरियों की तरह ठूंस ठूंस कर रहने की है व्यवस्था

गोपाल सिंह विद्रोही/विश्रामपुर/निजी हॉस्टल की लापरवाही ने एक मासूम छात्र की जान ले ली। हॉस्टल में घोर लापरवाही दिखा गया 15 वर्ग 20 के कमरे में 24 बच्चे भेड़ बकरियों की तरह ठूंस ठूंस कर पलकों से का दोहन किया जाए आर्थिक दोहन किया जा रहा है असुरक्षित गंदगी से लबालब हॉस्टल कैंपस में विषैले सर्प घुसकर मासूम छात्र को डंस लिया 8 घंटे की बात इलाज हेतु चिकित्सालय पहुंचाया गया जहां उसकी मौत हो गई। समय पर प्राथमिक उपचार न मिलने की वजह से एक पिता को अपने कलेजे के टुकड़े से हमेशा के लिए हाथ धोना पड़ा ।
जानकारी के अनुसार ग्राम सतपता स्थित निजी हॉस्टल बीएल हॉस्टल में बीती रात पांचवी कक्षा में अध्ययनरत बच्चे को जहरीले सांप के काटने की वजह से आज सुबह उपचार के लिए ले जाते वक्त रास्ते में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। बच्चा कार्मेल कान्वेंट स्कूल इंग्लिश मीडियम के कक्षा पांचवी का छात्र था और इस घटना के पीछे हॉस्टल प्रबंधन की घोर लापरवाही सामने उभर कर आई है। ग्राम डानड करवा पोस्ट रेवटी ब्लॉक प्रतापपुर निवासी अनुज प्रसाद पटेल इस चालू शैक्षणिक सत्र से शुरू होने वाले कक्षा पांचवी में अपने 12 वर्षीय पुत्र विवेक कुमार पटेल का दाखिला करवाया था। अच्छी शिक्षा बच्चे को प्रदान करने की उम्मीद से प्रतापपुर के छोटे से गांव से बच्चे को निकाल कर कार्मेल कन्वेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल बिश्रामपुर मे दाखिला करवाने के बाद नजदीकी निजी हॉस्टल बी एल हॉस्टल में पिछले 24 जुन को अपने बच्चे के रहने की व्यवस्था करवाकर उसे छोड़ चले गए थे, परंतु उन्हें यह नहीं पता था कि यह निजी हॉस्टल उनके बच्चे के लिए काल बन जाएगा। जानकारी अनुसार छात्र विवेक कुमार पटेल बीती रात खाना खाकर अपने बिस्तर पर सोने चला गया और उसी दरमियान जहरीले सांप ने उसे डस लिया था। जिसका एहसास छात्र को गहरी निंद्रा मे होने के कारण नहीं हो पाया परंतु हॉस्टल प्रबंधन के सफाई कर्मचारियों ने रात तकरीबन 12 बजे एक जहरीले सांप को कमरे के बाहर बैठे देखा और उसे बाहर निकाला परंतु इस बात का किसी को अंदाजा नहीं था कि उसी सांप ने बच्चे पर हमला किया है। वहीं करीब 3:30 बजे रात के आसपास छात्र ने उठकर पेट में दर्द, उलटी एवं सर घूमने की शिकायत सफाई कर्मचारियों से किया था, परंतु छात्र की बातों को हल्के में लेते हुए हॉस्टल प्रबंधन के द्वारा समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध ना करवाते हुए सुबह 7:30 बजे विश्रामपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। जहां बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर अकाश श्रीवास्तव ने बच्चे को सूरजपुर जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया जिला चिकित्सालय ले जाते वक्त रास्ते में ही ग्राम पचीरा के करीब बच्चे ने दम तोड़ दिया। उक्त दुखद घटना से बच्चों के परिजन सदमे में हैं एवं स्कूल प्रबंधन ने भी 2 मिनट का मौन एवं एक दिवस के लिए स्कूल बंद करने का निर्णय लिया

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हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से मैंने अपना बच्चा खोया

इस संबंध में मृतक बच्चे के पिता अनुज कुमार पटेल से बात करने पर उन्होंने रोते बिलखते हुए बताया कि बच्चे को अच्छी शिक्षा दीक्षा देने के लिए कठिन परिश्रम करते हुए पैसे जोड़कर कार्मल कन्वेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल में दाखिला करवाया था परंतु मेरे बच्चे को बीएल हॉस्टल ने निगल लिया। यदि हॉस्टल प्रबंधन समय पर प्राथमिक उपचार करवा लेते तो आज मेरा बच्चा मेरे सामने होता, परंतु सांप के काटने की 7 से 8 घंटे बाद उन्होंने हॉस्पिटल का रुख किया और मुझे इसकी जानकारी दी। मैं कलेक्टर सूरजपुर से से बीएल हॉस्टल के ऊपर कड़ी जांच करते हुए कठोर कार्यवाही करने की मांग करता हूं ताकि दूसरे मां-बाप अपना औलाद न खोए

मानकों का नही हो रहा है पालन जिस पर अब तक प्रशासन की नजर नहीं पड़ी

खबर पर नवभारत प्रतिनिधि हॉस्टल का निरीक्षण किया तो पाया कि उक्त हॉस्टल केवल पैसा कमाने के उद्देश्य हॉस्टल का संचालन कर रहा है। 16 वर्ग 20 वर्ग के कमरे में 24 बच्चों
के रहने के लिए बेड लगा हुआ है बिस्तर गंदे है,कमरे से दुर्गंध आ रही है, शौचालय गंदा है ।चारदीवारी के अंदर घास की झाड़ियां उग आई है जिसमे से हो कर विषैला सर्प हास्टल के कमरे में प्रवेश कर मासूम बच्चा को डस लिया जिससे उसकी मौत हो गई। उक्त निजी हॉस्टल घर के भीतर संचालित हैं, जो नियमों के विपरीत चल रहा हैं जहां क्षमता से अधिक बच्चों को हॉस्टल में ठूस ठूंस कर रखा गया है। मोटा पैसा कमाने के फिराक में बच्चों के जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है‌ ।साफ सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में सांप हॉस्टलों में घुस रहे हैं। वही भेड़ बकरियों की तरह बच्चों को रखने की वजह से समय-समय पर बच्चे संक्रमण का शिकार भी होते हैं परंतु सबसे बड़ा विषय यह है कि आज तक इस और न तो जिला प्रशासन ने सुध लेने की कोशिश की और न ही संबंधित स्कूल प्रबंधन ने इस ओर गौर किया। जिस वजह से आज इतनी बड़ी घटना इस निजी हॉस्टल में घटित हो गई। यहां बताना आवश्यक है कि निजी हॉस्टल प्रबंधन 1 बच्चे से 10 माह का कुल 50000 वसूल किया हैं और एक निजी हॉस्टल में 100 बच्चों को ठूस कर रखा गया है, मृतक बच्चे के पिता ने इस बात की जानकारी दी कि 10 माह का 50000 रुपया उनसे बीएल हॉस्टल के संचालक ने मांगा था। बीएल हॉस्टल के संचालक अंबिकेश्वर त्रिपाठी शुभम मेडिकल स्टोर के संचालक हैं इनसे संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि आश्चर्य व्यक्त करते हुए बताया कि हमें तो पता ही नहीं था कि 12 बजे बच्चा को सर्प डंसा है जब पता चला तो उसे सूरजपुर चिकित्सालय ले जाया गया जहां मृतक बच्चे के परिजनों ने हमें जमकर पिटाई की और अब लगता है कि हमें हॉस्टल बंद करना पड़ेगा।

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