
अम्बिकापुर में साइबर ठगी का म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार, 2.06 लाख रुपये की धोखाधड़ी उजागर
गांधीनगर पुलिस ने साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल अकाउंट मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर बैंक पासबुक, आधार, पैन और मोबाइल जब्त किया।
साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार
गांधीनगर पुलिस की सख्त कार्रवाई, 2.06 लाख की संदिग्ध राशि का खुलासा
अम्बिकापुर | 18 जनवरी 2026 |साइबर ठगी के मामलों पर लगातार कार्रवाई करते हुए थाना गांधीनगर पुलिस ने म्यूल अकाउंट के माध्यम से धोखाधड़ी में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खाते में साइबर अपराध से संबंधित 2,06,786 रुपये की राशि प्राप्त होना पाया गया, जिस पर वैधानिक कार्रवाई की गई।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूची के आधार पर फर्जी मोबाइल नंबर जारी करने वाले पॉइंट ऑफ सेल (POS) और म्यूल अकाउंट धारकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस मुख्यालय रायपुर से प्राप्त हुए थे। इसी क्रम में दस्तावेजों के अवलोकन पर एक म्यूल अकाउंट की पहचान की गई।
जांच में संबंधित बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर का धारक अमरेन्द्र सिंह, पिता अभय राज सिंह, निवासी वार्ड नंबर 27, गुरुनानक वार्ड, महाराजा गली, अम्बिकापुर, जिला सरगुजा पाया गया। आरोपी द्वारा अपने सिम और बैंक खाते का उपयोग कर धोखाधड़ी से अर्जित 2,06,786 रुपये प्राप्त किए जाने का तथ्य सामने आया।
इस संबंध में थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 34/26, धारा 317(4), 318(4) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान आरोपी अमरेन्द्र सिंह को तलब कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके भाई की बिरयानी दुकान पर आने वाले एक युवक द्वारा यह कहकर रकम उसके खाते में डलवाई गई कि उसके खाते में पैसे नहीं आ रहे हैं। आरोपी के खाते में कुल 2 लाख 6 हजार 786 रुपये जमा कराए गए, जिन्हें बाद में अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से बैंक खाता पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह, घनश्याम देवांगन, वीरेंद्र पैकरा, अशोक यादव एवं अमनपुरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









