जिपं सभाकक्ष में आदर्श आचार संहिता का एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

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जयदीप मिश्रा/सूरजपुर/ जिला पंचायत सभाकक्ष में विधानसभा आम निर्वाचन 2023 को ध्यान रखते हुए आदर्श आचार संहिता के संबंध में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक जिला नोडल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ सुश्री लीना कोसम की उपस्थिति में जिले के सभी रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के अलावा नोडल एवं सेक्टर अधिकारियों सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों की उपस्थिति में मास्टर ट्रेनर पी.सी. सोनी ने आदर्श आचार संहिता के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने आदर्श आचार संहिता के बारे बताते हुए कहा निर्वाचन के दौरान स्वस्थ एवं शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा राजनैतिक दल अभ्यर्थी के मार्गदर्शन हेतु एवं शासकीय सेवक के आचरण हेतु आदर्श आचार संहिता तैयार की गई है। यह निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों का सेट है। यह आदर्श आचरण संहिता चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होने के दिन से निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने तक संबंधित विधान सभा क्षेत्र में प्रभावशील रहती है। आदर्श आचरण संहिता की परिभाषा आदर्श आचरण संहिता का अर्थ ऐसे आचार व्यवहार से है, जिससे स्वतंत्र निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में आम नागरिक चुनाव में भाग ले सके। आदर्श आचार संहिता के अंतर्गत सभी राजनैतिक के पार्टी, उम्मीदवार, केंद्र व राज्य के सभी मंत्री समस्त शासकीय कर्मचारी संस्था, संगठन कमेटी कारपाेरेशन, सरकार द्वारा वित्तपोषित पूर्ण या आंशिक कमीशन सभी इसके दायरे में आते है। मास्टर ट्रेनर ने बताया कि आचार संहिता लागु होते ही 72 घण्टे के अंदर संपति विरोपण के द्वारा शासकीय भवनों, स्थलों से राजनीति में सक्रिय व्यक्तियों के चित्र, उनके फोटोयुक्त योजनाओं के फ्लेक्स, बैनर, झंडे को हटाना होता है। इस दौरान शिकायत अनुवीक्षण कंट्रोल रूम, कॉल सेंटर क्रियाशील हो जाता है। आचार संहिता में शासकीय सेवक से अपेक्षित आचरण में शासकीय सेवक को चुनाव में निष्पक्ष रहना चाहिए, जनता को उनके निष्पक्षता पर विश्वास हो, शासकीय कर्मचारी पर किसी भी चुनावी अभियान, प्रचार, सभा, रैली में भाग नहीं लेना चाहिए।
आदर्श आचार संहिता के महत्वपूर्ण बिन्दु- नवीन शसकीय कार्य प्रारंभ नहीं होगे, लोकार्पण शिलान्यास, भूमिपूजन, टेण्डर नीलामी नहीं होगी। कोई भी मंत्री स्वेच्छानुदान निधि से सांसद, विधायक निधि कोई स्वीकृत भुगतान नहीं कर सकेंगे। शासकीय रेस्ट हाउस, गेस्ट हाउस का उपयोग राजनैतिक गतिविधियों के लिए नहीं होगा। प्रिंट मीडिया के तहत प्रत्येक मुद्रित सामग्री पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम, पता, प्रतियों की संख्या लिखी होनी चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के तहत यदि कोई राजनैतिक दल अभ्यर्थी टेलीकास्ट से विज्ञापन, टी.वी. चैनल, केबल चैनल, सिनेमाघर, रेडियो, ई-समाचार पत्र, बल्क एसएमएस, सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से विज्ञापन करना चाहता है। तो उसे जिला स्तरीय मीडिया एवं अनुप्रमाण समिति से विज्ञापन हेतु अनुमति प्राप्त करनी होगी। ऐसे विज्ञापन पर जिला स्तरीय मीडिया एवं अनुप्रमाण समिति की निगरानी रहेगी। कोलाहल अधिनियम अंतर्गत रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग प्रतिबंध रहेगा। इसके लिए भी अलग से अनुमति लेना अनिवार्य है।
उन्होंने निर्वाचन के दौरान वाहनों के दुरुपयोग पर रोकथाम के बारे में विस्तार से बताया है, साथ ही मतदान दिवस पर वाहन की पात्रता, चुनावी सभा, चुनावी रैली, राजनैतिक दल और अभ्यर्थी के मार्गदर्शन हेतु आदर्श आचार संहिता सामान्य आचरण के बारे में बताया।
इस दौरान एसडीएम रवि सिंह, सागर सिंह राज, नन्दजी पाण्डेय, दीपिका नेताम, तहसीलदार वर्षा बंसल, सुश्री प्रियंका रानी गुप्ता, समस्त जनपद सीईओ सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।