
केंद्रीय बजट 2026 पर विपक्ष का हमला, राहुल गांधी बोले – ‘भारत के असली संकटों से आंख मूंदे बजट’
केंद्रीय बजट 2026 पर राहुल गांधी, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, अखिलेश यादव और अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा। विपक्ष ने बजट को जनविरोधी, कटौती वाला और बेरोजगारी-महंगाई से आंख मूंदने वाला बताया।
केंद्रीय बजट 2026 पर विपक्ष का हमला, राहुल गांधी से अखिलेश तक बोले – ‘आम जनता से आंख मूंदे सरकार’
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, वरिष्ठ नेता सचिन पायलट, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट को निराशाजनक, जनविरोधी और चुनावी घोषणाओं तक सीमित बताया है।
राहुल गांधी: ‘भारत के असली संकटों से आंखें मूंदे बजट’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश गंभीर आर्थिक संकटों से जूझ रहा है, लेकिन बजट में इन मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा—
“बेरोजगार युवा, गिरता मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, निवेशकों का पूंजी निकालना, घरेलू बचत में गिरावट, संकट में किसान और वैश्विक झटकों का खतरा—सबको अनदेखा किया गया। यह बजट किसी भी तरह का course correction करने से इनकार करता है।”
सचिन पायलट: युवाओं और रोजगार पर कोई भरोसेमंद रोडमैप नहीं
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि बजट की घोषणाओं से एक बार फिर युवाओं को निराशा हाथ लगी है।
उन्होंने सवाल उठाया कि—
- सरकार अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि कितने रोजगार वास्तव में सृजित हुए
- underemployment की समस्या लगातार बढ़ रही है
- महंगाई नियंत्रण, महिला सशक्तिकरण, खेती-किसानी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं है
उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित राज्यों में भी नई बड़ी परियोजनाओं का अभाव जनता के साथ धोखे जैसा है।
भूपेश बघेल: ‘धुंआ बहुत, धार बहुत पतली’
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट को ‘शेखचिल्ली का शोरबा’ करार दिया।
उन्होंने कहा—
- सरकार ने विश्व गुरु और बड़ी अर्थव्यवस्था होने के दावे तो किए, लेकिन बजट ने सच्चाई उजागर कर दी
- स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक, ग्रामीण और शहरी विकास में कटौती ही कटौती
- फसल बीमा, यूरिया सब्सिडी, गरीब कल्याण अन्न योजना, गैस योजना और छात्रवृत्तियों तक में कटौती
- OBC, SC-ST वर्गों के लिए आवंटन घटाया गया
भूपेश बघेल ने कहा कि न महंगाई पर काबू पाने का उपाय है, न बेरोजगारी रोकने का प्रयास—यह ‘कटौती का बजट’ है।
अखिलेश यादव: ‘यह 5 प्रतिशत लोगों का बजट’
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शेयर बाजार में गिरावट को ‘भाजपाई बजट का परिणाम’ बताया।
उन्होंने कहा—
- भाजपा का हर बजट सिर्फ 5% लोगों के लिए होता है
- यह बजट अपने लोगों को सेट करने और भ्रष्टाचार की अदृश्य खाता-बही है
- महंगाई के बावजूद टैक्स में राहत न देना ‘टैक्स-शोषण’ है
- किसान, मजदूर, छोटे कारोबारी और मध्यम वर्ग को कोई वास्तविक राहत नहीं मिली
अशोक गहलोत: राजस्थान के साथ सौतेलापन
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान का बजट भाषण में नाम तक न होना सौतेले व्यवहार को दर्शाता है।
उन्होंने कहा—
- ERCP परियोजना पर कोई चर्चा नहीं
- नई रेलवे या मेट्रो परियोजना की घोषणा नहीं
- गरीब, श्रमिक और असंगठित क्षेत्र के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं
उन्होंने बजट को राजस्थान के लिए “damp squib” (ऊंची दुकान, फीका पकवान) बताया।
विपक्ष का साझा आरोप
विपक्षी नेताओं का कहना है कि केंद्रीय बजट 2026—
- आम जनता की समस्याओं से कटा हुआ है
- बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के संकट पर चुप है
- चुनावी वादों तक सीमित है
- संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में विफल रहा है









