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डीएवी जांता के बालिकाओ ने मानव श्रृंखला से राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाए

डीएवी जांता के बालिकाओ ने मानव श्रृंखला से राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाए

डीएवी जांता के बालिकाओं ने तिरंगा रंगों के यूनिफॉर्म के साथ बनाएं मानव श्रृंखला बालिका दिवस

बेमेतरा – डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता में आज राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में देश के बालिकाओं को समर्पित करते हुए, साथ ही आगामी गणतंत्र दिवस के पूर्व तिरंगा यूनिफॉर्म पहनकर बालिकाओं ने मानव श्रृंखला के माध्यम से “बालिका दिवस” का सुन्दर आकृति बनाई,भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा में सबसे ऊपर की पट्टी केसरिया रंग की हैैं। यह केसरिया रंग देश की ताकत और साहस को दर्शाती हैैं, वहीं धर्म चक्र के साथ सफेद रंग की बीच की पट्टी हिंदुस्तान के मूल स्वरूप शांति और सच्चाई को दर्शाती है, इसकी अंतिम पट्टी का हरा रंग भारत भूमि की उर्वरता, वृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता हैैं। इसी को ध्यान में रखते हुए डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता के बेटियां भी इन तिरंगा रंग से ही राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष में मानव श्रृंखला बनाकर “बालिका दिवस” के रूप में समर्पित किया। प्राचार्य पीएल जायसवाल ने कहा कि पूरा विश्व राष्ट्रीय बालिका दिवस मना रहा है। हम हमारे विद्यालय में भी आज राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाए है, सभी को मिलकर देश मे उन लोगों की पहचान करनी होगी जो लोग बेटियों को इस दुनियां में आने से पहले ही मार देते है। बेटियों को बचाने के साथ साथ उन्हें बेहतर शिक्षा दिलवाने का भी प्रयास करना होगा। आज के युग में बेटा- बेटी में कोई अंतर नहीं है। बेटी भी वहीं कार्य करती है जो कार्य बेटा कर सकता है। उन्होंने कहा कि लेकिन कुछ लोग बेटे को ही सब कुछ मानते है, पर बेटी को कुछ नहीं। इन लोगों को यह पता नहीं कि बेटी अगर शिक्षित होगी तो पूरा वंश शिक्षित होगा बेटी एक घर नहीं दो घर संभालती है।

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बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य – देश की बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करके उन्हें समाज में विकास के लिए समान अवसर और सम्मान दिलाने के लिए यह दिन मनाते हैं। इसके अलावा बालिकाओं के साथ होने वाले भेदभाव के बारे में सभी लोगों को जागरूक करना भी उद्देश्य हैैं। बालिका को मां-बाप की पहचान बनाओ, जान से बड़ी होती है बेटियां उनके सद्भावना को पहचान बनाओ,.मत बांधों बेड़ियों से बालिकाओं को बालिका होने से उनकी गर्व बताओ, ऊंची उड़ान भर सकती हैैं, देश की ताकत बन सकती है बेटियां आज ही के दिन देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने 24 जनवरी 1966 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। देश की बेटी के इस सर्वोच्च पद तक पहुंचने को उपलब्धि को प्रतिवर्ष याद करने और महिलाओं, बालिकाओं को को सशक्त बनाने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में हम सब मानते हैं। आज प्रमुख रूप से शिक्षक ललित देवागन, राहुल पटेल, अखिलेश पटेल, ज्ञानेश्वर साहू, निशु गुप्ता, अनिल कुमार, पुरुषोत्तम कुमार, अमित कुमार, गोविंद साहू, आयुषी जैन, कैलाश लसिंह, छोटू राम साहू, मनीषा सोनी, सविता साहू, रेणुका पटेल, रितिका साहू, आरती धीवर, सरिता साहू, दीपिका वर्मा, सुखदेव साहू, विजय चंद्राकर, गीता साहू, नरेश साहू आदि उपस्थित रहें।

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