रक्षाबंधन के त्यौहार में भी बहनें सुरक्षित नहीं – वंदना राजपूत

रक्षाबंधन के त्यौहार में भी बहनें सुरक्षित नहीं – वंदना राजपूत

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आदिवासी बेटियों की अस्मिता को नहीं बचा पा रहे हैं आदिवासी मुख्यमंत्री

रायपुर/कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने बढ़ती महिला अपराधों पर भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कुशासन के सरकार में रक्षाबंधन की पवित्र दिन भी बहनें सुरक्षित नहीं है रायगढ़ में राखी बांधने आई महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना पूरी मानव जाति को शर्मसार करने वाली घटना है इस सामूहिक दुष्कर्म की घटना यह सिद्ध करता है कि प्रदेश में कानून का डर अपराधियों के दिलों दिमाग में रति भर भी नहीं है कानून व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की 8 महीना की सरकार में महिलाओं के प्रति अपराध के 2000 से अधिक मामलें दर्ज हुये है। लगभग 170 से अधिक गैंगरेप और 500 से अधिक बलात्कार की घटनाएं घटी है। आदिवासी मुख्यमंत्री होकर भी आदिवासी महिला की अस्मिता को बचाने में नाकाम रहे हैं लगातार आदिवासी महिलाओं की अस्मिता को लूटा जा रहा है तो तभी आदिवासी महिलाओं को गोली से भूना जा रहा है।

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वंदना राजपूत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में डबल इंजन की सरकार में महिला अपराध की लगातार बढ़ती घटना ने सरकार की पोल खोल रखी है लगातार बेटियों के साथ गैंगरेप बलात्कार की घटनाएं बढ़ती जा रही है साय सरकार बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम रही है आज बेटियां ना घर में सुरक्षित है और ना ही बाहर सुरक्षित है आज छत्तीसगढ़ की स्थिति को देखकर के अन्य राज्य से महिलाएं छत्तीसगढ़ आने से डर रही है। प्रत्येक दिन महिलाओं के साथ बढ़ती अपराध की घटनाएं से माता-पिता अपनी बच्चियों को लेकर चिंतित रहते हैं इसीलिए गांव में अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर के बेटियों को स्कूल भेजना भी बंद कर रहे हैं।
बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के नारा लगाने वाले आज बेटियों के अस्मिता लूटने पर भी मौन हो जाते हैं अवसरवादी राजनीति करने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेत्रियां भी महिलाओं के साथ हो रही बलात्कार, हत्या की घटना जैसे जघन्य अपराध पर भी आंख बंद करके बैठे हैं।