नाबालिग कन्या विवाह से रोका गया।

नाबालिग कन्या का विवाह से रोका गया।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

जांजगीर-चांपा // महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयास से नाबालिग कन्या का विवाह से रोका गया। बाल विवाह संबंधी सूचना प्राप्त होते ही कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास श्रीमती अनिता अग्रवाल एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व एवं पुलिस विभाग के सहयोग से आज कुल 5 बाल विवाह रोका गया।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि विकास खंड नवागढ़ के ग्राम अवरीद मेे 05 बाल विवाह रोका गया। जहां बाल विवाह की सूचना स्थल में जाकर पाचों अलग-अलग परिवार के बालक तथा बालिकाओं की अंकसूची की जांच की गयी। बालक तथा बालिका की वर्तमान आयु विवाह हेतु निर्धारित आयु से कम होना पाया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारीयों द्वारा बालक-बालिकों एवं उनके माता-पिता एवं स्थानीय लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया एवं समझाईश के पश्चात स्थानीय लोगों की उपस्थिति में माता-पिता की सहमति से 05 बाल विवाह रोका गया एवं लड़कियों के लिए निर्धारित 18 वर्ष तथा लड़कों के लिए निर्धारित 21 वर्ष के पूर्व विवाह न करने संबंधी घोषणा पत्र व राजीनामा पत्र में गवाहों के समक्ष हस्ताक्षर कराया गया।
उन्होंने बताया कि रोक गये 05 बाल विवाह में से 03 बच्चों का बाल विवाह 18 फरवरी 2025, 19 फरवरी 2025 एवं 21 फरवरी 2025 को होना निर्धारित था एवं 02 बच्चों का बाल विवाह माह दिसंबर 2025 की स्थिति में निर्धारित था। उससे पूर्व ही सूचना प्राप्त होने पर विभाग द्वारा बाल विवाह रोके जाने की स्थिति में परिवारजन को आर्थिक क्षति एवं सामाजिक मानहानि, मानसिक अवसाद संबंधित परेशानियों का समाना नहीं करना पड़ता। विभाग द्वारा आम जनाता से अपील की जाती है कि बाल विवाह होने संबंधी जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल ही विभाग को सूचित करें ताकि समय रहते ही बाल विवाह को रोकी जा सके ताकि परिवारजनो को आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक परेशानियों एवं क्षति तथा कानूनी कार्यवाही का समाना न करना पड़े। दल में डेटाएनालिस्ट धीरज राठौर, परामर्शदाता प्रजेश शर्मा, पर्यवेक्षक श्रीमती ऋचा तिवारी, चाईल्ड हेल्प लाईन समन्वयक निर्भय सिंह, भूपेश कश्यप, आरक्षक माघवेन्द्र नवरत्न, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती खिख बाई कश्यप, श्रीमती ज्योति नागपाल, सहायिका श्रीमती कृष्णा बाई कश्यप, मितानिन श्रीमती गोमती साहू उपस्थित थे।