Advertisement

भूपेश बघेल सरकार की योजनाएँ: जनहित की नई पहचान और सत्ता परिवर्तन के बाद का भविष्य

भूपेश बघेल सरकार की योजनाएँ: उपलब्धियाँ, प्रभाव और नई सरकार के फैसले

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (2018-2023) के कार्यकाल में कई लोककल्याणकारी योजनाएँ शुरू की गईं, जिनका उद्देश्य किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों और समाज के अन्य वर्गों का उत्थान करना था। इन योजनाओं ने राज्य के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए। हालांकि, 2023 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद इनमें से कई योजनाओं को बंद कर दिया गया या उनके स्वरूप में बदलाव किया गया।

यह लेख इन योजनाओं की समीक्षा करेगा, उनके प्रभाव का आकलन करेगा और यह देखेगा कि नई सरकार किन योजनाओं को जारी रख रही है और किन्हें समाप्त कर दिया गया है।

1. भूपेश बघेल सरकार की प्रमुख योजनाएँ और उनकी उपलब्धियाँ

(1) कृषि और ग्रामीण विकास

राजीव गांधी किसान न्याय योजना

उद्देश्य: किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अलावा बोनस प्रदान करना।

लाभ: किसानों को प्रतिवर्ष इनपुट सहायता राशि दी गई, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई।

सफलता: लाखों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिला और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।

गोधन न्याय योजना

उद्देश्य: पशुपालकों से गोबर खरीदकर जैविक खाद बनाना और उन्हें आर्थिक लाभ देना।

लाभ: पशुपालकों और किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिला, साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा मिला।

सफलता: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हुए।

सुराजी गांव योजना

उद्देश्य: जल संरक्षण, पशुपालन और जैविक खेती को बढ़ावा देना।

लाभ: ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी’ योजना के तहत जल स्रोतों का संरक्षण हुआ, जिससे किसानों की पैदावार बढ़ी।

—

(2) युवा, शिक्षा और रोजगार

स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना

उद्देश्य: सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराना।

लाभ: आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिला।

राजीव युवा मितान क्लब योजना

उद्देश्य: युवाओं को खेल, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना।

सफलता: ग्रामीण और शहरी युवाओं को नेतृत्व और रोजगार के अवसर मिले।

बेरोजगारी भत्ता योजना

लाभ: 2.50 लाख से कम आमदनी वाले परिवारों के युवाओं को प्रतिमाह ₹2500 की आर्थिक सहायता।

सफलता: इससे युवाओं को अस्थायी आर्थिक मदद मिली।

(3) महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण

कौशल्या समृद्धि योजना

लाभ: महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिले और आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ी।

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान

लाभ: कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार उपलब्ध कराया गया।

महतारी दुलार योजना

लाभ: कोरोना महामारी में अनाथ हुए बच्चों की शिक्षा का खर्च सरकार ने उठाया।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

(4) आदिवासी और सामाजिक कल्याण

मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना

लाभ: आदिवासी समुदाय को पारंपरिक त्योहारों के लिए आर्थिक सहायता मिली।

तेंदूपत्ता संग्राहक प्रोत्साहन योजना

लाभ: तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस और बेहतर पारिश्रमिक दिया गया।

रीपा (रूरल इंडस्ट्रियल पार्क) योजना

लाभ: ग्रामीण क्षेत्रों में लघु उद्योगों को बढ़ावा मिला और रोजगार के अवसर बढ़े।

2. नई भाजपा सरकार द्वारा किए गए बदलाव और बंद की गई योजनाएँ

2023 में भाजपा की नई सरकार आने के बाद भूपेश बघेल सरकार की कई योजनाओं को बंद कर दिया गया या उनका स्वरूप बदला गया।

बंद की गई योजनाएँ

1. बेरोजगारी भत्ता योजना – युवाओं को मिलने वाली प्रतिमाह आर्थिक सहायता बंद कर दी गई।

2. राजीव गांधी किसान न्याय योजना – इसे कृषक उन्नति योजना में बदला गया।

3. मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना – आदिवासियों को त्योहारों के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद कर दी गई।

4. स्वामी आत्मानंद स्कूल योजना – इसका स्वरूप बदला जाएगा।

5. रीपा योजना – ग्रामीण औद्योगिक पार्कों की योजना का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।

6. कौशल्या समृद्धि योजना – इसे महतारी वंदन योजना में बदल दिया गया।

7. बिजली बिल हाफ योजना – इसे बंद करने से सरकार को सालाना 1000 करोड़ रुपये की बचत होगी।

8. गोधन न्याय योजना – भाजपा इस योजना को बंद करने की योजना बना रही है।

जारी रखी गई योजनाएँ

1. गौठान योजना – इस योजना को सरकार जारी रखेगी, हालांकि चुनाव के दौरान भाजपा ने इस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

3. योजनाओं के बंद होने का संभावित प्रभाव

(1) किसानों पर प्रभाव

राजीव गांधी किसान न्याय योजना का बंद होना किसानों की आय पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

(2) युवाओं पर प्रभाव

बेरोजगारी भत्ता बंद होने से कई युवाओं को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

(3) महिलाओं पर प्रभाव

कौशल्या समृद्धि योजना की जगह महतारी वंदन योजना लाई गई है, जिससे स्वरूप में बदलाव आया है।

(4) शिक्षा पर प्रभाव

स्वामी आत्मानंद योजना में बदलाव से छात्रों पर प्रभाव पड़ सकता है।

भूपेश बघेल सरकार की योजनाओं ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासियों को व्यापक रूप से लाभान्वित किया। हालांकि, 2023 में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने इनमें से कई योजनाओं को बंद कर दिया है या उनमें बदलाव किए हैं।

नई सरकार की नीतियों का दीर्घकालिक प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह साफ है कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक संरचना पर इन बदलावों का बड़ा असर पड़ेगा। जनता को यह तय करना होगा कि ये बदलाव राज्य के विकास में कितने फायदेमंद साबित होते हैं।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47