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महासमुंद जिले में जनपद पंचायत चुनाव: अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी

महासमुंद जिले में जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष निर्वाचन हेतु अधिकारियों की नियुक्ति

महासमुंद, 28 फरवरी 2025: छत्तीसगढ़ पंचायत (उप सरपंच, अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष) निर्वाचन नियम 1995 के नियम 6 के तहत महासमुंद जिले की जनपद पंचायतों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए पीठासीन और सहायक पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। प्रभारी कलेक्टर सच्चिदानंद आलोक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले की सभी जनपद पंचायतों में नामित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। निर्वाचन 4 मार्च 2025 को प्रातः 11ः00 बजे से संबंधित जनपद पंचायतों के सभाकक्ष में आयोजित होगा। यह निर्वाचन पंचायत प्रणाली में नेतृत्व चयन के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा है।

निर्वाचन प्रक्रिया की रूपरेखा

छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली के अंतर्गत प्रत्येक जनपद पंचायत में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का निर्वाचन किया जाता है। यह निर्वाचन पंचायत प्रतिनिधियों के लोकतांत्रिक चयन की प्रक्रिया का अहम भाग है, जो ग्रामीण विकास और प्रशासन को मजबूत करने में सहायक होता है।

महासमुंद जिले की जनपद पंचायतों में होने वाले इस निर्वाचन के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। निर्वाचन की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पीठासीन और सहायक पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो संपूर्ण प्रक्रिया की देखरेख करेंगे।

पीठासीन एवं सहायक पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति

प्रशासन ने निष्पक्ष और सुचारु निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति की है। जनपद पंचायतवार नामित अधिकारियों की सूची निम्नानुसार है:

जनपद पंचायत महासमुंद:

पीठासीन अधिकारी: हरिशंकर पैकरा (अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व)

सहायक पीठासीन अधिकारी: कृष्ण कुमार साहू (तहसीलदार)

जनपद पंचायत बागबाहरा:

पीठासीन अधिकारी: उमेश कुमार साहू (अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व)

सहायक पीठासीन अधिकारी: जुगल किशोर पटेल (तहसीलदार)

जनपद पंचायत पिथौरा:

पीठासीन अधिकारी: ओंकारेश्वर सिंह (अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व)

सहायक पीठासीन अधिकारी: नितिन ठाकुर (तहसीलदार)

जनपद पंचायत बसना:

पीठासीन अधिकारी: मनोज कुमार खाण्डे (अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व)

सहायक पीठासीन अधिकारी: सुश्री ममता ठाकुर (तहसीलदार)

जनपद पंचायत सरायपाली:

पीठासीन अधिकारी: सुश्री नम्रता चौबे (अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व)

सहायक पीठासीन अधिकारी: श्रीधर पण्डा (तहसीलदार)

निर्वाचन की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उपाय

निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं। निर्वाचन से पूर्व संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे निर्वाचन नियमों और प्रक्रियाओं को भली-भांति समझ सकें। प्रशासन ने निर्वाचन के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।

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इसके अलावा, निर्वाचन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और कड़ी निगरानी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए संबंधित क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।

चुनाव की पृष्ठभूमि और संभावित परिणाम

महासमुंद जिले की पंचायत राजनीति में यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस चुनाव के जरिए पंचायत के नए नेतृत्व का गठन होगा, जो आगामी वर्षों में ग्रामीण विकास नीतियों को दिशा देगा।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थित प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। महासमुंद जिले की पंचायतें लंबे समय से राजनीतिक रूप से सक्रिय रही हैं, और इस बार भी यहां के पंचायत चुनावों में व्यापक रुचि देखी जा रही है।

पंचायत चुनावों का महत्व

पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र की जड़ को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। यह ग्रामीण स्तर पर विकास योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। जनपद पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद इसलिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि वे स्थानीय प्रशासन और विकास कार्यों की देखरेख करते हैं।

पंचायतों के माध्यम से सरकार की योजनाएं और नीतियां प्रभावी ढंग से लागू की जाती हैं। इसके अलावा, जनता की समस्याओं को जमीनी स्तर पर हल करने के लिए पंचायत पदाधिकारियों की भूमिका बेहद अहम होती है। इसलिए यह चुनाव ग्रामीण विकास, प्रशासनिक सुधार और बेहतर नेतृत्व के चयन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।

चुनाव को लेकर प्रशासन की तैयारियां

निर्वाचन की प्रक्रिया को सुचारु और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक इंतजाम कर लिए हैं। जिला प्रशासन ने सभी नामित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने कर्तव्यों का पालन पूर्ण निष्पक्षता और ईमानदारी से करें।

प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का बाहरी हस्तक्षेप न हो। यदि कोई भी व्यक्ति चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने या किसी भी प्रकार की अनियमितता फैलाने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव के दिन की प्रमुख गतिविधियाँ

प्रातः 11 बजे: मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी।

मतदान का तरीका: गुप्त मतदान के माध्यम से निर्वाचित सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

मतगणना और परिणाम घोषणा: मतदान प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मतों की गणना की जाएगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।

शपथ ग्रहण: निर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को बाद में विधिवत शपथ दिलाई जाएगी।

महासमुंद जिले में जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का निर्वाचन ग्रामीण शासन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण चरण है। यह चुनाव न केवल पंचायत स्तर पर नेतृत्व के चयन के लिए आवश्यक है, बल्कि इससे ग्रामीण विकास की दिशा भी तय होगी। प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।

चुनाव परिणाम आने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि महासमुंद जिले में किन नेताओं को जनपद पंचायतों का नेतृत्व सौंपा जाता है और वे किस प्रकार से पंचायतों के विकास में योगदान देंगे।

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