Advertisement

छत्तीसगढ़ को मिले 1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के लिए 965 करोड़ की अनुदान मांगें पारित

छत्तीसगढ़ को मिले 1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के लिए 965 करोड़ की अनुदान मांगें पारित

रायपुर, 12 मार्च 2025: छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम विभाग की कुल 965 करोड़ 18 लाख रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इनमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के लिए 709 करोड़ 87 लाख रुपए तथा श्रम विभाग के लिए 255 करोड़ 31 लाख 9 हजार रुपए का प्रावधान शामिल है।

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 बनी निवेश आकर्षण का केंद्र
विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि राज्य के समग्र विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए 01 नवंबर 2024 से औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है। इस नीति का मूल आधार “अमृत काल छत्तीसगढ़ विजन-2047” रखा गया है, जिसमें श्रम-प्रधान उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि 1000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों को मंत्रिमंडलीय उपसमिति से अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही दिव्यांगजनों, सेवानिवृत्त अग्निवीरों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष अनुदान दिया जाएगा।

125 दिनों में 1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
देवांगन ने सदन में बताया कि औद्योगिक नीति लागू होने के मात्र 125 दिनों के भीतर राज्य को 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के 31 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

इनमें पोलीमेटेड इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा 1143 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव शामिल है, जिसके तहत नवा रायपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसी तरह यस फैन एंड अप्लायंसेस और रेक बैंक डेटा सेंटर ने भी नवा रायपुर में उद्योग लगाने के लिए भूमि का चयन कर लिया है। अब्रेल ग्रीन एनर्जी ने मुंगेली में सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना बनाई है।

नई औद्योगिक नीति के तहत विशेष प्रावधान
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई अनुदानों एवं छूटों का प्रावधान किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
✅ ब्याज अनुदान
✅ स्थायी पूंजी निवेश अनुदान
✅ मार्जिन मनी अनुदान
✅ गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान
✅ भूमि, भवन एवं बैंक ऋण पर स्टाम्प शुल्क से पूर्ण छूट
✅ 06 से 10 वर्षों तक विद्युत शुल्क से छूट

इसके अलावा, प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए स्व-घोषणा प्रणाली लागू की गई है, जिससे उद्यमियों को प्रमाण पत्रों की अनिवार्यता से मुक्ति मिलेगी।

औद्योगिक क्षेत्र और पार्कों का विस्तार
देवांगन ने बताया कि राज्य में अब तक 34 औद्योगिक क्षेत्र एवं पार्क स्थापित किए जा चुके हैं और चार नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने का प्रस्ताव है।

इनमें शामिल हैं:
✔ नवीन फूड पार्क (विभिन्न जिलों में)
✔ जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क (रायपुर)
✔ प्लास्टिक पार्क (रायपुर)
✔ फार्मास्युटिकल पार्क (नवा रायपुर)
✔ स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क (जांजगीर-चांपा)

छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना के तहत युवाओं को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपना स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकें।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.21.47

“इन्विटेशन टू इन्वेस्ट” बना निवेशकों के लिए भरोसेमंद विकल्प
देवांगन ने कहा कि पिछली सरकार में बिना ठोस तैयारी के एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) किए जाते थे, जिससे अपेक्षित निवेश नहीं मिल पाता था। वर्तमान सरकार “इन्विटेशन टू इन्वेस्ट” जारी कर रही है, जो कि निवेशकों को विस्तृत चर्चा के बाद प्रदान किया जाने वाला विश्वास पत्र है।

उन्होंने कहा कि यह केवल एमओयू का विकल्प नहीं है, बल्कि यह राज्य की औद्योगिक नीति और अनुदान प्रोत्साहनों से प्रभावित होकर निवेश करने की इच्छुक कंपनियों को दिया जाता है।

श्रम विभाग की योजनाओं का विस्तार
श्रम विभाग के लिए 255 करोड़ 31 लाख 9 हजार रुपए की अनुदान मांगों को भी मंजूरी दी गई। इस दौरान श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा घोषित “शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना” को प्रदेश के सभी जिलों में विस्तारित किया जाएगा।

इस योजना के तहत पिछले वर्ष 06 जिलों में 16 भोजन केंद्र शुरू किए गए थे, जबकि इस वर्ष 13 जिलों में 31 नए भोजन केंद्र शुरू किए गए हैं। आगामी वर्ष में इसे राज्य के सभी जिलों में लागू किया जाएगा।

श्रमिकों के कल्याण के लिए बजट प्रावधान
✅ श्रमायुक्त संगठन के लिए – 29 करोड़ 40 लाख 94 हजार रुपए
✅ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के लिए – 125 करोड़ 10 लाख रुपए
✅ श्रम कल्याण मंडल के लिए – 6 करोड़ 24 लाख 25 हजार रुपए
✅ औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए – 6 करोड़ 24 लाख 25 हजार रुपए
✅ औद्योगिक हाइजिन प्रयोगशाला स्थापना के लिए – 1 करोड़ 51 लाख 40 हजार रुपए
✅ कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के लिए – 64 करोड़ 18 लाख 65 हजार रुपए
✅ औद्योगिक न्यायालय के लिए – 22 करोड़ 85 लाख 95 हजार रुपए

व्यापार और औद्योगिक संगठनों के लिए सुविधाएं
नए बजट में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के लिए नया रायपुर में कार्यालय निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, राज्य के 06 जिलों (राजनांदगांव, जगदलपुर, कोंडागांव, बालोद, महासमुंद और बिलासपुर) में नवीन जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र कार्यालयों के भवन निर्माण हेतु 15.60 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।

इससे व्यापारिक संगठनों को एक मजबूत मंच मिलेगा और राज्य में औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।

छत्तीसगढ़ सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 राज्य को निवेश, रोजगार और औद्योगिक विस्तार के क्षेत्र में नए मुकाम पर ले जा रही है। बीते 125 दिनों में 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव इस नीति की सफलता को दर्शाते हैं।

वहीं, श्रम विभाग द्वारा संचालित “शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना” और श्रमिक कल्याण योजनाओं का विस्तार सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अनुदान मांगों के पारित होने से राज्य की औद्योगिक और श्रम नीतियों को और मजबूती मिलेगी, जिससे आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ निवेश का बड़ा केंद्र बन सकता है।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM