भीषण गर्मी से बचाव के लिए कलेक्टर की अपील, लू से बचने के लिए करें ये उपाय

भीषण गर्मी से बचाव के लिए कलेक्टर की अपील, लू से बचने के लिए करें ये उपाय

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)

धमतरी, 20 मार्च 2025 – गर्मी का मौसम अपने चरम पर है और तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लू लगने की संभावना बढ़ गई है, जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने नागरिकों से लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि लोग इस भीषण गर्मी में सुरक्षित रह सकें।

लू के लक्षण
गर्मी के प्रकोप से प्रभावित होने पर शरीर कई तरह के लक्षण दिखाने लगता है। यदि समय रहते इन लक्षणों को पहचाना जाए, तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, लू लगने के मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं:

सिर में भारीपन और तेज दर्द
तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना
चक्कर और उल्टी आना
कमजोरी और शरीर में दर्द
शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीने का न आना
अधिक प्यास लगना और पेशाब कम आना
भूख न लगना
बेहोशी छाना या भ्रम की स्थिति पैदा होना
लू लगने की स्थिति में इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तुरंत प्राथमिक उपचार करें और आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

लू से बचाव के उपाय
गर्मी के मौसम में लू से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियाँ बरतना आवश्यक है:

अत्यधिक आवश्यक न हो तो घर से बाहर न निकलें – तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें।
सर और कान ढककर रखें – यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो सिर और कान को अच्छी तरह से सूती कपड़े या टोपी से ढककर रखें। इससे शरीर पर गर्मी का असर कम होगा।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं – शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है। हर कुछ घंटों में पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो।
गर्म पेय पदार्थों से बचें – चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय पदार्थ शरीर को निर्जलित कर सकते हैं, इसलिए इनका सेवन कम करें।
हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें – सूती कपड़े पसीने को सोखते हैं और शरीर को ठंडा रखते हैं। टाइट और सिंथेटिक कपड़े पहनने से शरीर को अधिक गर्मी महसूस हो सकती है।
धूप में कम समय बिताएं – जितना संभव हो, धूप में कम से कम समय बिताएं और छायादार स्थानों में रहें।
ओआरएस और ठंडे पेय पदार्थ लें – शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी, मठा, नारियल पानी आदि का सेवन करें।
भोजन हल्का और संतुलित करें – अत्यधिक मसालेदार और प्रोटीन युक्त भोजन से बचें, क्योंकि यह शरीर को अधिक गर्म करता है।
लू लगने पर क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए, तो उसे तुरंत प्राथमिक उपचार देना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital

बुखार से पीड़ित व्यक्ति के सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें – इससे शरीर का तापमान कम करने में मदद मिलेगी।
कच्चे आम का पना, जलजीरा आदि दें – ये शरीर को ठंडा करने में मदद करते हैं और लू के प्रभाव को कम करते हैं।
पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लेटाएं – हवा के प्रवाह से शरीर का तापमान सामान्य करने में मदद मिलती है।
शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करें – इससे शरीर में जमी हुई गर्मी कम होती है।
जितनी जल्दी हो सके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं – यदि लू के लक्षण गंभीर हो जाएं, तो व्यक्ति को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।
ओआरएस घोल दें – आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिन या एएनएम से ओआरएस पैकेट प्राप्त कर उसका सेवन करवाएं।
क्या करें और क्या न करें?
✅ क्या करें:

खूब पानी पिएं, भले ही प्यास न लगे।
मिर्गी, हृदय, गुर्दे या लीवर के रोगियों को तरल पदार्थ लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें।
घर के बने पेय पदार्थों जैसे लस्सी, छाछ, नींबू पानी का सेवन करें।
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
❌ क्या न करें:

धूप में बाहर जाने से बचें, खासकर दोपहर 12 से 3 बजे के बीच।
नंगे पांव गर्मी में बाहर न निकलें।
दोपहर के समय खाना पकाने से बचें, क्योंकि इससे घर का तापमान बढ़ सकता है।
शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय न लें, क्योंकि ये शरीर को निर्जलित कर सकते हैं।
अत्यधिक प्रोटीन वाले भोजन से बचें, क्योंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ाता है।
सरकार और प्रशासन की तैयारी
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने भी जरूरी कदम उठाए हैं। अस्पतालों में लू से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं। आंगनबाड़ी और मितानिनों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है ताकि वे लू से बचाव और उपचार में मदद कर सकें।

नागरिकों की जिम्मेदारी
भीषण गर्मी में सभी नागरिकों को चाहिए कि वे स्वयं सुरक्षित रहें और जरूरतमंदों की मदद करें। यदि कोई व्यक्ति लू से प्रभावित दिखे, तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर ले जाएं, ठंडा पानी पिलाएं और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा सहायता लें।

गर्मी के इस दौर में सतर्कता और सही उपाय अपनाकर लू से बचा जा सकता है। प्रशासन की अपील है कि सभी लोग इन दिशा-निर्देशों का पालन करें और इस भीषण गर्मी में सुरक्षित रहें।