छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीन नए विधेयक पारित, प्रदेश के पेंशनभोगियों के लिए अलग से होगी फंड की व्यवस्था, पढ़िए और क्या है खास ?

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज तीन नए विधेयक पारित कर दिए गए। तीनों विधेयक वित्त मंत्री ओपी चौधरी की ओर से पेश किए गए थे। पहला विधेयक प्रदेश के पेंशनर से जुड़ा है। सरकार ने प्रदेश के पेंशनभोगियों के लिए अलग से फंड की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय राज्य के पेंशनभोगियों को बेहतर पेंशन और अन्य लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस निर्णय के अनुसार, राज्य सरकार एक अलग पेंशन फंड स्थापित करेगी जो पेंशनभोगियों के लिए धन का प्रबंधन करेगा। इस फंड में सरकार द्वारा नियमित रूप से योगदान दिया जाएगा, और पेंशनभोगियों के पेंशन और अन्य लाभों का भुगतान इसी फंड से किया जाएगा। इस तरह का कानून बनाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य भी बन गया है। छत्तीसगढ़ में हर साल करीब सवा 10 हजार करोड़ रुपये पेंशनर् के लिए खर्च होते हैं।

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यह कदम राज्य के पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत होगी, क्योंकि इससे उन्हें समय पर और बिना किसी रुकावट के पेंशन और अन्य लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी। 

इसके अतिरिक्त, सरकार ने पेंशनभोगियों के लिए कुछ अन्य लाभों की भी घोषणा की है, जैसे कि: 

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  • पेंशनभोगियों को अब चिकित्सा सुविधाओं के लिए अधिक सहायता मिलेगी।
  • पेंशनभोगियों को यात्रा करने के लिए अधिक रियायतें मिलेंगी।
  • पेंशनभोगियों को उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अन्य सहायता भी मिलेगी।
यह निर्णय छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के पेंशनभोगियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।

छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबलिटी फंड 2025  विधेयक पारित

एक दूसरा महत्वपूर्ण विधेयक छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबलिटी फंड भी पारित हुआ है। इसके जरिए प्रदेश में पूंजीगत व्यय के लिए अलग से फंड तैयार किया जाएगा। मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि भविष्य में अगर कभी राजस्व प्राप्ति कम हुई, तब प्रदेश के विकास के लिए फंड की समस्या ना हो, इसलिए यह पहल की गई है। प्रदेश को हर साल मिनरल्स रॉयल्टी के रूप में जो राजस्व प्राप्त होता है, उसका एक प्रतिशत से लेकर 5 प्रतिशत राशि इस फंड में जमा किया जाएगा। भविष्य में इस फंड का इस्तेमाल केवल पूंजीगत व्यय के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कभी सत्ता गलत हाथों में चली जाए और फंड का दुरूपयोग ना हो इसलिए प्रावधान किया गया है कि इस फंड के खर्चे की रिपोर्ट विधानसभा में पेश होगी। इस फंड का सीएजी ऑडिट होगा और वह रिपोर्ट भी विधानसभा में पेश होगी।

छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की स्थापना विधेयक पारित

एक तीसरा विधेयक छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की स्थापना को लेकर पारित किया गया। इससे रायपुर और उसके आस पास के एरिया के सुव्यवस्थित विकास और यहां के रहवासियों के लिए बेहतर माहौल देने की कोशिश होगी।