
आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई: साइंस हाउस ग्रुप पर 250 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा, हवाला कनेक्शन और विदेशी लिंक उजागर
भोपाल में आयकर विभाग की 4 दिन तक चली जांच में साइंस हाउस और डिसेंट मेडिकल्स ग्रुप पर 250 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी और हवाला कारोबार का खुलासा हुआ है। डायरेक्टर शैलेंद्र तिवारी के घर से एक करोड़ कैश और 900 ग्राम सोना सीज।
आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई: साइंस हाउस ग्रुप पर 250 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा, हवाला कनेक्शन और विदेशी लिंक उजागर
4 दिन लंबी जांच में 250 करोड़ से अधिक टैक्स चोरी का खुलासा।
साइंस हाउस डायरेक्टर के घर से एक करोड़ कैश और 900 ग्राम ज्वैलरी सीज।
ग्रुप का हवाला कारोबार और विदेशी कनेक्शन सामने आया।
बोगस बिलिंग के जरिए सरकार को भारी चपत।
भोपाल में आयकर विभाग की 4 दिन तक चली जांच में साइंस हाउस और डिसेंट मेडिकल्स ग्रुप पर 250 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी और हवाला कारोबार का खुलासा हुआ है। डायरेक्टर शैलेंद्र तिवारी के घर से एक करोड़ कैश और 900 ग्राम सोना सीज।
आयकर विभाग की जांच में हवाला कनेक्शन उजागर
भोपाल। आयकर विभाग की टीम ने साइंस हाउस, डिसेंट मेडिकल्स और अन्य सहयोगी ग्रुप्स के ठिकानों पर की गई 4 दिन लंबी जांच में बड़ा खुलासा किया है। जांच में 250 करोड़ रुपए से अधिक की टैक्स चोरी, हवाला नेटवर्क, बोगस बिलिंग और विदेशी कारोबार की परतें खुलीं।
डायरेक्टर के घर से एक करोड़ कैश, 900 ग्राम सोना
जांच में साइंस हाउस ग्रुप के डायरेक्टर शैलेंद्र तिवारी के घर से एक करोड़ रुपए नकद और 900 ग्राम सोना बरामद हुआ है, जिसे आयकर विभाग ने सीज कर लिया। इसके अलावा चार करोड़ की नकदी और ज्वैलरी भी जब्त की गई है।
बोगस बिलिंग से सरकार को चपत
आयकर विभाग की टीम को जांच के दौरान भारी मात्रा में बोगस बिलिंग के दस्तावेज मिले। बताया गया है कि ग्रुप ने रूट सिस्टम के जरिए अलग-अलग राज्यों और देशों से सामान मंगाकर एमपी में सप्लाई किया। इससे न सिर्फ टैक्स चोरी हुई बल्कि सरकारी राजस्व को भी बड़ा नुकसान पहुंचा।
हवाला में लगाई गई कमाई
जांच में यह भी सामने आया कि ग्रुप के संचालकों ने अवैध कमाई को हवाला कारोबार में निवेश किया। आयकर विभाग अब हवाला नेटवर्क की अलग से जांच करेगा ताकि पूरे कनेक्शन का पर्दाफाश हो सके।
विदेशी लिंक – चाइना और युगांडा कनेक्शन
साइंस हाउस के मालिक जितेंद्र तिवारी के चाइना और अन्य देशों से कारोबारी कनेक्शन सामने आए हैं। वह हेल्थ इक्विपमेंट को एक देश से दूसरे देश भेजकर फिर भारत लाता और महंगे दामों पर बेचता था।
वहीं, राजेश गुप्ता के बारे में जानकारी मिली है कि उसने युगांडा में संस्था खोलकर कारोबार शुरू किया।
जांच का अगला चरण
आयकर विभाग की कार्रवाई शनिवार सुबह खत्म हुई, लेकिन अब ग्रुप से जुड़े संचालकों और सहयोगियों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।









