
अमेरिका ने किया साफ: पाकिस्तान को AIM-120 AMRAAM मिसाइलें नहीं मिलेंगी, मीडिया रिपोर्ट्स गलत
पाकिस्तानी मीडिया में आई रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए अमेरिका ने कहा कि पाकिस्तान को कोई नई AIM-120 AMRAAM मिसाइलें नहीं दी जा रहीं। अनुबंध सिर्फ पुराने सिस्टम की मरम्मत और रखरखाव से जुड़ा है।
अमेरिका ने किया खंडन: पाकिस्तान को AIM-120 AMRAAM मिसाइलें देने की खबर गलत, दूतावास ने जारी किया बयान
नई दिल्ली। हाल ही में पाकिस्तानी मीडिया में यह खबर आई थी कि अमेरिका, पाकिस्तान को AIM-120 एडवांस्ड मीडियम-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (AMRAAM) की आपूर्ति करने जा रहा है। लेकिन अब अमेरिका ने इन रिपोर्टों का स्पष्ट खंडन किया है।
भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि पाकिस्तान को नई मिसाइलें देने का कोई अनुबंध नहीं हुआ है और यह जानकारी पूरी तरह गलत है।
दूतावास के अनुसार, जिस अनुबंध का उल्लेख मीडिया रिपोर्टों में किया गया, वह केवल पुराने रक्षा समझौतों के रखरखाव और मरम्मत (maintenance and sustainment) से जुड़ा है। इसमें पाकिस्तान सहित कई देशों के नाम शामिल हैं, पर इससे उनकी मौजूदा सैन्य क्षमताओं में कोई वृद्धि नहीं होगी।
🇺🇸 क्या था विवाद?
पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने दावा किया था कि अमेरिका ने रेथियॉन कंपनी के साथ 2.5 अरब डॉलर के सौदे को मंजूरी दी है, जिसके तहत पाकिस्तान को AIM-120 मिसाइल के C8 और D3 वेरिएंट दिए जाएंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह डिलीवरी मई 2030 तक पूरी होनी थी, जिससे पाकिस्तान वायुसेना की F-16 लड़ाकू क्षमता में इजाफा होता।
लेकिन अब अमेरिका ने इन रिपोर्टों को भ्रामक और गलत बताते हुए कहा है कि अनुबंध में कहीं भी नई मिसाइल सप्लाई या अपग्रेडेशन का जिक्र नहीं है।
क्या है AIM-120 AMRAAM मिसाइल?
AIM-120 AMRAAM एक फायर एंड फॉरगेट मिसाइल है, जिसे अमेरिकी कंपनी रेथियॉन बनाती है।
इसमें एक्टिव रडार गाइडेंस सिस्टम लगा है, जिससे यह हर मौसम में और दिन-रात किसी भी समय लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।
यह मिसाइल 4,900 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ सकती है और एक साथ कई लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता रखती है।
हालांकि, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान को इस प्रकार की कोई नई मिसाइल फिलहाल नहीं दी जाएगी।
अमेरिकी दूतावास का बयान
“यह अनुबंध संशोधन पाकिस्तान की मौजूदा क्षमताओं में किसी भी प्रकार के अपग्रेडेशन से संबंधित नहीं है। यह सिर्फ रखरखाव और मरम्मत से जुड़ा हुआ है।”
— अमेरिकी दूतावास, नई











