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अयोध्या: 14 अक्टूबर को रामलला का भव्य श्रृंगार, जानें आरती और दर्शन का पूरा समय

अयोध्या: 14 अक्टूबर को रामलला का भव्य श्रृंगार, जानें आरती और दर्शन का पूरा समय

राम मंदिर की रसोई में बनता है भोग, मौसम के अनुसार बदलते हैं प्रभु के वस्त्र

अयोध्या धाम: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम में ब्रह्मांड नायक प्रभु श्री रामलला सरकार का प्रतिदिन भव्य और अलौकिक श्रृंगार होता है। हर दिन भगवान श्री राम भक्तों को अलग-अलग रूप में दर्शन देते हैं, और यह मंगलवार, 14 अक्टूबर (कार्तिक माह, कृष्ण पक्ष की अष्टमी/पूर्णिमा तिथि) को भी जारी रहा।

मुख्य पूजा और श्रृंगार:

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  • दिवसीय श्रृंगार: कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि (तदनुसार 12.25 बजे से पूर्णिमा तिथि) को विक्रम संवत 2082 के अनुसार श्री रामलला सरकार का शुभ अलौकिक श्रृंगार किया गया।
  • वस्त्र और माला: रामलला को हर दिन और मौसम के हिसाब से अलग-अलग वस्त्र पहनाए जाते हैं (गर्मियों में सूती, जाड़ों में ऊनी)। प्रभु की फूलों की मालाएं विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई जाती हैं।

आरती और भोग का समय:

रामलला को दिन में चार बार भोग लगाया जाता है, जिसके लिए व्यंजन राम मंदिर की रसोई में तैयार होते हैं।

क्रिया समय विवरण
पहली आरती (जागरण) सुबह 6:30 बजे रामलला को जगाने के बाद पहली आरती, लेप, स्नान और वस्त्र पहनाए जाते हैं।
पहला भोग सुबह की शुरुआत बाल भोग से होती है।
भोग आरती दोपहर 12:00 बजे दोपहर में भोग लगने के बाद आरती होती है।
संध्या आरती शाम 7:30 बजे शाम की आरती होती है।
शयन रात 8:30 बजे आरती के बाद रामलला को शयन करवाया जाता है।

दर्शन का समय:

भक्तों के लिए रामलला के दर्शन का समय शाम 7:30 बजे तक निर्धारित किया गया है।

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