
कांग्रेस विधायक के ड्राइवर की मौत पर नया खुलासा, अब 304A में चलेगा मामला
छतरपुर में कांग्रेस विधायक नातीराजा के ड्राइवर सलमान खान की मौत के मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश की। अब हत्या की धारा 302 और 307 हटाकर 304A (लापरवाही से मृत्यु) लगाई गई। राज्य सरकार ने कहा—यह दुर्घटना थी, साजिश नहीं।
20 भाजपाइयों से हत्या की धारा हटी, सरकार ने कहा—हादसा था; कांग्रेस विधायक के ड्राइवर सलमान की मौत पर सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट
भोपाल / छतरपुर। 17 नवंबर 2023 की वो रात, जब मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के मतदान खत्म होने के कुछ घंटे बाद छतरपुर के खजुराहो क्षेत्र में कांग्रेस विधायक कुंवर विक्रम सिंह नातीराजा के ड्राइवर सलमान खान की मौत हुई थी — अब उस मामले में बड़ा मोड़ आ गया है।
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी स्टेटस रिपोर्ट में इस घटना को “जानबूझकर की गई हत्या नहीं, बल्कि वाहन की टक्कर से हुई दुर्घटना” बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, हत्या की धारा 302 और हत्या के प्रयास की धारा 307 हटाकर अब मामला धारा 304A (लापरवाही से मृत्यु) में दर्ज किया गया है।
यह रिपोर्ट 4 नवंबर 2025 को राज्य सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई, जो कोर्ट के 22 सितंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में दायर की गई थी।
घटना 17 नवंबर 2023 की रात करीब 2.40 बजे की है। मतदान समाप्त होने के बाद तत्कालीन कांग्रेस विधायक और प्रत्याशी कुंवर विक्रम सिंह नातीराजा और बीजेपी प्रत्याशी अरविंद पटेरिया के बीच विवाद हुआ।
बताया गया कि कांग्रेस पक्ष को सूचना मिली थी कि बीजेपी प्रत्याशी और उनके समर्थक कथित रूप से मतदाताओं को पैसे बांट रहे हैं। इस सूचना के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
उसी दौरान दोनों दलों के वाहनों का काफिला भिड़ गया और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी अफरातफरी में नातीराजा का ड्राइवर सलमान खान सड़क किनारे खड़ा था, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उसे कुचल दिया।
सलमान को बचाने की कोशिश में कांग्रेस कार्यकर्ता शिवम बुंदेला भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के तुरंत बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे “साजिशन हत्या” बताया था।
इसके बाद 17 नवंबर को ही पहली FIR दर्ज हुई, जिसमें बीजेपी प्रत्याशी अरविंद पटेरिया सहित 20 कार्यकर्ताओं पर धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत केस दर्ज किया गया था।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सलमान के सिर में गंभीर चोटें थीं, शरीर की कई हड्डियां टूटी थीं और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मौत हुई। रिपोर्ट में मौत का कारण “तेज वाहन की टक्कर” बताया गया — हत्या का कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
गवाहों के बयानों में भी यही बात सामने आई कि झगड़े के बाद अरविंद पटेरिया की गाड़ी घटनास्थल से निकल चुकी थी, और सलमान को टक्कर पीछे से आई दूसरी कार ने मारी थी।
जांच में सामने आया कि यह हादसा काले रंग की स्कॉर्पियो (UP-95 V 7383) से हुआ था। यह गाड़ी विक्की बघेल ने किराए पर ली थी और उसे नरेंद्र तिवारी चला रहे थे।
ड्राइवर नरेंद्र तिवारी और विक्की बघेल दोनों ने अपने बयान में स्वीकार किया कि “हंगामे के दौरान अचानक भगदड़ मच गई, हमें लगा गाड़ी के नीचे कुछ आया है, बाद में पता चला वह सलमान था।”
राज्य सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल रिपोर्ट में कहा गया है कि “सलमान की मौत दुर्घटनावश हुई, इसमें हत्या का कोई प्रमाण नहीं मिला।”
रिपोर्ट में District Prosecution Officer (DPO) की 11 सितंबर 2024 की कानूनी राय का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि “एफआईआर 321/2023 में धारा 302 और 307 नहीं बनती, बल्कि मामला 304A (लापरवाही से मृत्यु)” का है।
इसके आधार पर SDOP खजुराहो ने रिपोर्ट तैयार कर SP छतरपुर को भेजी। इसके बाद 25 सितंबर 2024 को SP ने भी हत्या की धारा हटाने और 304A लगाने को मंजूरी दे दी।
20 आरोपियों में से 4 लोगों को क्लीनचिट दे दी गई —
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अरविंद पटेरिया – (गाड़ी घटनास्थल से पहले ही निकल गई थी)
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संजय मिश्रा, मुकेश पांडे, दिनेश अग्निहोत्री – (चुनाव ड्यूटी पर होने के प्रमाण मिले)
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संदीप अग्रवाल और कपिल सोनी – (CCTV व मोबाइल लोकेशन से घटनास्थल पर मौजूद नहीं पाए गए)
बाकी 16 आरोपियों पर चार्जशीट तैयार की गई, जिन पर IPC की धारा 304A, 147, 149, 294 और 506 लगाई गई है।
मुख्य आरोपी बताए गए:
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गौरव उर्फ विक्की बघेल (गाड़ी की व्यवस्था करने वाला)
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नरेंद्र तिवारी (ड्राइवर)
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नीरज चतुर्वेदी और अन्य 13 लोग
इस मामले में हत्या की धारा हटाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि “राज्य सरकार ने दबाव में रिपोर्ट पेश की है,” जबकि बीजेपी का दावा है कि “सच्चाई आखिरकार सामने आ गई।”
कांग्रेस के स्थानीय नेताओं का कहना है कि सलमान की मौत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने लगातार निष्पक्ष जांच की मांग की थी। अब रिपोर्ट आने के बाद वे इसे “न्याय से समझौता” बता रहे हैं।
सलमान खान के परिजनों का कहना है कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला। उनका आरोप है कि “हमारे बेटे की हत्या की गई थी, इसे हादसा बताकर मामला कमजोर किया जा रहा है।”
उनका कहना है कि वे सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।









