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नवा रायपुर में बनेगी मध्य भारत की सबसे बड़ी फूड व ड्रग टेस्टिंग लैब, छत्तीसगढ़ में घंटों में मिलेगी जांच रिपोर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खाद्य सामग्री और औषधियों की गुणवत्ता जांच व्यवस्था को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि नवा रायपुर में मध्य भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है। डेढ़ एकड़ के परिसर में प्रस्तावित इस अत्याधुनिक लैब से नकली खाद्य पदार्थों और दवाइयों की जांच अब बेहद तेज़ी से हो सकेगी।

मंत्री ने बताया कि अभी तक राज्य को जांच के लिए नमूने अन्य राज्यों में भेजने पड़ते थे, जिससे रिपोर्ट आने में महीनों लग जाते थे। नई लैब शुरू होने के बाद जांच रिपोर्ट कुछ ही घंटों में उपलब्ध हो जाएगी, जिससे कार्रवाई में भी त्वरित गति आएगी।

जांच क्षमता में भारी वृद्धि

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल के अनुसार, लैब तैयार होने के बाद परीक्षण क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी—

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  • रासायनिक परीक्षण: 500–800 नमूनों से बढ़कर 7000–8000 नमूने प्रति वर्ष
  • माइक्रोबायोलॉजिकल परीक्षण: इंजेक्शन, आई ड्रॉप आदि के 2000 नमूने प्रति वर्ष
  • मेडिकल डिवाइसेस: ग्लव्स, कैथेटर सहित वे उपकरण जिनका अभी परीक्षण नहीं हो रहा, उनके 500 नमूने प्रति वर्ष
  • फार्मास्यूटिकल्स परीक्षण: 50 से बढ़कर 1000 नमूने प्रति वर्ष

100 करोड़ तक पहुंचेगा निर्माण खर्च

मंत्री ने बताया कि मुख्य बजट 2025-26 में की गई घोषणा अब जमीन पर उतर चुकी है। लैब निर्माण के लिए 46.49 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हो गई है। मशीनों की स्थापना और पूर्ण निर्माण के बाद कुल खर्च 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

इस परियोजना के शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ को परीक्षण के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना होगा।


 

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