
आत्मनिर्भर भारत को बड़ा बूस्ट: टेलीकॉम सुरक्षा सुधारों का ऐलान, मेक इन इंडिया को मिलेगी रफ्तार
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने टेलीकॉम सुरक्षा सुधारों की घोषणा की। NCCS के तहत फीस में छूट, MSME और महिला-नेतृत्व वाली लैब्स को बड़ी राहत।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम, टेलीकॉम सुरक्षा सुधारों का ऐलान
नई दिल्ली।केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मिशन आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने के उद्देश्य से टेलीकॉम सेक्टर में बड़े सुधारों की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे देश में डिजिटल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है।
सिंधिया ने बताया कि दूरसंचार विभाग (DoT) के अंतर्गत नेशनल सेंटर फॉर कम्युनिकेशन सिक्योरिटी (NCCS) द्वारा ऐसे सुधार लागू किए जा रहे हैं, जो टेलीकॉम सुरक्षा को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उद्योग पर अनुपालन का बोझ कम करेंगे और सतत विकास को बढ़ावा देंगे।
टेलीकॉम सुरक्षा सुधारों के प्रमुख बिंदु
सरकार द्वारा घोषित प्रमुख सुधारों में शामिल हैं—
- OEMs के लिए प्रो-टेम सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन स्कीम को 2 वर्षों के लिए बढ़ाया गया
- टेलीकॉम सिक्योरिटी टेस्टिंग लैब्स (TSTLs) की फीस में कटौती
MSME और महिला-नेतृत्व वाली लैब्स को बड़ी राहत
Design in India, Solve in India, Scale for the World (DSS) के सिद्धांत के अनुरूप इन सुधारों से—
- महिला-नेतृत्व वाली और MSME टेस्टिंग लैब्स के लिए 50% तक अनुपालन बोझ में कमी
- अन्य निजी टेस्टिंग लैब्स को भी 50% शुल्क में राहत
- केंद्र व राज्य सरकार की एजेंसियों, IITs और सरकारी संस्थानों के लिए पूरी फीस माफ
भारत बनेगा भरोसेमंद टेलीकॉम हब
सिंधिया ने कहा कि इन सुधारों से सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए सत्यापन प्रक्रिया सरल होगी, जिससे नवाचार को गति मिलेगी और देशभर में ब्रॉडबैंड पहुंच का विस्तार होगा। साथ ही, यह पहल स्वदेशी टेलीकॉम सुरक्षा परीक्षण ढांचे को मजबूती देगी और भारत को वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग व टेस्टिंग हब के रूप में स्थापित करेगी।
उन्होंने कहा कि ये कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ विज़न को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।









