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Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 4 January: पौष पूर्णिमा पर हुआ रामलला का दिव्य अलौकिक श्रृंगार, जानें भोग–आरती का पूरा समय

अयोध्या: पौष पूर्णिमा पर रामलला का अलौकिक श्रृंगार, जानिए भोग–आरती का समय

पौष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि, विक्रम संवत 2082 (रविवार, 4 जनवरी 2026) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या धाम में संपूर्ण ब्रह्मांड के नायक प्रभु श्री रामलला सरकार का शुभ एवं दिव्य अलौकिक श्रृंगार संपन्न हुआ।

रामलला का श्रृंगार प्रतिदिन अत्यंत भव्य स्वरूप में किया जाता है। मौसम और ऋतु के अनुसार प्रभु को अलग-अलग वस्त्र धारण कराए जाते हैं। गर्मियों में हल्के सूती वस्त्र और शीत ऋतु में ऊनी वस्त्र एवं स्वेटर पहनाए जाते हैं।

चार समय होता है रामलला का भोग

रामलला को प्रतिदिन चार समय भोग अर्पित किया जाता है। सभी व्यंजन श्री राम मंदिर की रसोई में विधि-विधान से तैयार किए जाते हैं।

  • सुबह की शुरुआत: बाल भोग से
  • दोपहर: 12 बजे भोग आरती
  • शाम: साढ़े 7 बजे संध्या आरती
  • रात्रि: 8:30 बजे शयन

शयन से पूर्व प्रभु को विशेष भोग अर्पित कर शयन कराया जाता है।

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आरती और दर्शन का समय

  • पहली आरती: सुबह 6:30 बजे
  • पूजन क्रम: प्रभु को जगाने से लेकर लेप, स्नान और वस्त्र धारण तक
  • दर्शन का समय: सुबह से शाम 7:30 बजे तक

इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।

दिल्ली से आती है पुष्प माला

रामलला को अर्पित की जाने वाली पुष्प मालाएं विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई जाती हैं, जिससे श्रृंगार की भव्यता और दिव्यता और अधिक बढ़ जाती है। प्रभु श्री रामलला प्रतिदिन भक्तों को नए अलौकिक रूप में दर्शन देते हैं।


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