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विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम गांवों की तस्वीर और तकदीर बदलेगा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 मनरेगा से अधिक प्रभावी, पारदर्शी और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला कानून है, जिससे गांवों में रोजगार, आय और अधोसंरचना मजबूत होगी।

रायपुर, 6 जनवरी 2025//मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 देश के गांवों की तस्वीर और तकदीर बदलने वाला ऐतिहासिक कानून साबित होगा। उन्होंने यह बात आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कही।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में यह अधिनियम एक मील का पत्थर है, जो गांवों को विकसित बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। यह कानून किसानों, मजदूरों और गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने संसद में अपने पहले भाषण में ही स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार गरीबों को समर्पित रहेगी। उसी सोच के अनुरूप बिजली, शौचालय, आवास, जनधन खाते जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों का जीवन बदला गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम मनरेगा का उन्नत और अधिक प्रभावी स्वरूप है। जहां मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं इस नए अधिनियम में ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है, जिससे मजदूरों की आय में सीधी वृद्धि होगी।

उन्होंने बताया कि मजदूरी भुगतान को लेकर भी बड़ा सुधार किया गया है। अब मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर अनिवार्य होगा। यदि भुगतान में देरी होती है तो मजदूर को अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जिसे मजदूरी पर ब्याज के रूप में माना जाएगा। इससे मजदूरों को समय पर न्याय मिलेगा और भुगतान में देरी की समस्या समाप्त होगी।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेती-किसानी को सुरक्षित रखने के लिए अधिनियम में विशेष प्रावधान किए गए हैं। बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य रोके जा सकेंगे, जिससे किसानों को पर्याप्त मजदूर मिलेंगे और कृषि गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी। इससे ग्रामीण पलायन पर भी रोक लगेगी।

उन्होंने कहा कि मनरेगा में पहले फर्जी मास्टर रोल, मशीनों के इस्तेमाल और धांधली की शिकायतें सामने आती थीं। नया अधिनियम इन खामियों को दूर करेगा और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा, जिससे वास्तविक मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस अधिनियम के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा—

  • जल सुरक्षा
  • ग्रामीण अधोसंरचना
  • आपदा सुरक्षा
  • आजीविका संवर्धन

जल संरक्षण, नदी-नालों का सुधार, कटाव रोकने और सिंचाई संरचनाओं के विकास जैसे कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास जैसी गतिविधियों को भी इस अधिनियम से मजबूती मिलेगी। ग्रामीण स्तर पर रोजगार और सतत आय के नए अवसर सृजित होंगे तथा पीएम गति शक्ति जैसी राष्ट्रीय योजनाओं को भी इससे बल मिलेगा। यह अधिनियम गांवों में टिकाऊ विकास और समृद्धि का नया अध्याय लिखेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर और प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

Ashish Sinha

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