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कलेक्टर ने कृषि, उद्यानिकी, पशुधन, मत्स्य एवं रेशम विभाग की योजनाओं की समीक्षा की

कलेक्टर ने कृषि, उद्यानिकी, पशुधन, मत्स्य एवं रेशम विभाग की योजनाओं की समीक्षा की

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नियमित फील्ड विजिट के निर्देश

पीवीटीजी क्षेत्रों में उद्यानिकी योजनाओं पर विशेष फोकस करें – कलेक्टर अजीत वसंत

अंबिकापुर, 07 जनवरी 2026। कलेक्टर अजीत वसंत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुधन विकास विभाग, मत्स्य पालन विभाग एवं रेशम विभाग द्वारा संचालित शासन की योजनाओं की विभागवार समीक्षा बैठक ली। बैठक में योजनाओं की प्रगति, भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धियां, लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति तथा जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। इसके लिए नियमित फील्ड विजिट, पारदर्शी कार्यप्रणाली और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।


कृषि विभाग

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने खरीफ एवं रबी फसलों की स्थिति, बीज उपलब्धता, किसान पंजीयन, एग्रीस्टैक पंजीयन, पीएम किसान योजना, ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग की प्रगति की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि ई-केवाईसी, आधार सीडिंग एवं एग्रीस्टैक जैसे प्राथमिकता वाले कार्यों में शीघ्र प्रगति लाई जाए तथा पात्र किसानों को सभी हितग्राही योजनाओं का लाभ अनिवार्य रूप से दिलाया जाए।


उद्यानिकी विभाग

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में ऑयल पाम खेती को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बागवानी फसलों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) क्षेत्रों में उद्यानिकी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, मधुमक्खी पालन एवं बांस मिशन जैसी योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने पर विशेष जोर दिया।

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पशुधन विकास विभाग

पशुधन विकास विभाग की समीक्षा में चलित पशु चिकित्सा वाहनों की कार्यशीलता, स्टाफ की उपलब्धता एवं उपचार की गुणवत्ता की जानकारी ली गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पशुपालकों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता हो।
उन्होंने आवारा पशुओं की पहचान हेतु रेडियम प्लेट लगाकर टैगिंग, एआई आधारित कृत्रिम गर्भाधान में लक्ष्य अनुरूप प्रगति तथा डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।


मत्स्य पालन विभाग

मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा में पंचायतवार मत्स्य पालन की स्थिति की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों में अब तक मत्स्य पालन पट्टा जारी नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता से पट्टा जारी कर मछली पालन गतिविधियां शुरू की जाएं।
उन्होंने प्रत्येक जनपद पंचायत स्तर पर न्यूनतम पांच-पांच लक्ष्य निर्धारित कर अधिक से अधिक हितग्राहियों को मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए।


रेशम विभाग

रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।


फील्ड विजिट पर जोर

कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों एवं मैदानी अमले को नियमित फील्ड विजिट करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन होगा और कार्यों की सही एंट्री सुनिश्चित की जा सकेगी।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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