
भारतीय रेलवे की बड़ी छलांग: 35,000 किमी ट्रैक, 2026 में 52 बड़े रिफ़ॉर्म्स
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे ने 35,000 किमी ट्रैक बनाया, रिकॉर्ड स्पेशल ट्रेनें चलाईं और 2026 में 52 बड़े सुधार लागू करेगी।
भारतीय रेलवे ने बदली दशकों पुरानी तस्वीर: 35,000 किमी ट्रैक, रिकॉर्ड स्पेशल ट्रेनें और 2026 में 52 बड़े सुधार
नई दिल्ली | रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे के कर्मचारियों और अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि जिस मेहनत और प्रतिबद्धता के साथ रेलवे परिवार ने काम किया है, उसकी आज देशभर में व्यापक सराहना और पहचान है। उन्होंने कहा कि रेलवे ने वर्षों से चली आ रही कई जटिल समस्याओं का स्थायी समाधान किया है।
35,000 किमी नए ट्रैक से बढ़ी रेलवे की क्षमता
रेल मंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में 35,000 किलोमीटर से अधिक ट्रैक निर्माण किया गया है, जिससे रेलवे की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि दिवाली-छठ, क्रिसमस और समर जैसे हर बड़े रश सीजन में रेलवे ने बड़ी संख्या में स्पेशल ट्रेनें चलाकर यात्रियों को राहत दी।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के संचालन में नया रिकॉर्ड भी बनाया।
पांबन, चिनाब ब्रिज और पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी
रेल मंत्री ने कहा कि पांबन ब्रिज और चिनाब ब्रिज का उद्घाटन भारतीय रेलवे की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक है। इसके साथ ही बइरबी–सायरंग रेल लाइन के निर्माण से पूर्वोत्तर क्षेत्र में सीमेंट और खाद्यान्न की लागत में कमी आई है, जो क्षेत्रीय विकास के लिए बेहद अहम है।
उन्होंने कहा कि ये सभी परियोजनाएं भारतीय रेलवे की बेहतर परफॉर्मेंस के बड़े उदाहरण हैं।
लोकोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग में भारत आगे
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज भारतीय रेलवे की लोकोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग क्षमता अमेरिका और यूरोप की संयुक्त क्षमता से भी अधिक हो चुकी है। यह मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
ट्रेनिंग और AI पर फोकस
रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे का लक्ष्य ट्रेनिंग के लिए नए पैरामीटर्स, नए आयाम और नई डाइमेंशन्स स्थापित करना है। उन्होंने गति शक्ति विश्वविद्यालय को इसका बेहतरीन उदाहरण बताया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2026 में टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को रेलवे पूरी तरह खुले मन से अपनाएगा।
2026 में 52 बड़े सुधार
रेल मंत्री ने घोषणा की कि
“2026 में भारतीय रेलवे 52 बड़े सुधार लागू करेगा—52 हफ्ते, 52 रिफ़ॉर्म्स।”
इन सुधारों का प्रभाव रेलवे के हर सेक्टर में दिखाई देगा और यह आने वाले दशकों के लिए रेलवे की दिशा तय करेगा।











