मकर संक्रांति 2026: प्रयागराज माघ मेला में 1.03 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया संगम स्नान, सीएम योगी ने साधु-संतों का किया अभिनंदन

मकर संक्रांति पर प्रयागराज में आस्था का महासागर, 1 करोड़ 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया त्रिवेणी संगम में पावन स्नान

सीएम योगी बोले— सनातन परंपरा, सुव्यवस्था और समरसता का जीवंत उदाहरण है माघ मेला

प्रयागराज/15 जनवरी 2026| महापर्व मकर संक्रांति के पावन अवसर पर तीर्थराज प्रयागराज में आस्था, विश्वास और सनातन संस्कृति का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। माघ मेला 2026 के दौरान 1 करोड़ 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अविरल-निर्मल त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। संगम तट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा प्रयागराज भक्ति, श्रद्धा और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रयागराज की पुण्यधरा पर पधारे साधु-संतों, अखाड़ों, कल्पवासव्रती साधकों और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।


सनातन संस्कृति की अक्षुण्ण परंपरा का प्रतीक है माघ मेला — सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मकर संक्रांति और माघ मेला सनातन संस्कृति की अक्षुण्ण परंपरा, लोक-आस्था की शक्ति और समरसता की साधना का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है।

सीएम योगी ने कहा कि “आज करोड़ों सनातन आस्थावानों ने संगम में स्नान कर यह संदेश दिया है कि हमारी परंपराएं आज भी उतनी ही जीवंत और सशक्त हैं, जितनी हजारों वर्षों पहले थीं।”


संगम तट पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

मकर संक्रांति के दिन तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम तट पर स्नान का क्रम शुरू हो गया था। श्रद्धालु हर-हर गंगे और जय त्रिवेणी के उद्घोष के साथ संगम में स्नान करते नजर आए। नागा साधु, संत-महात्मा, कल्पवासी, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा—सभी संगम तट पर आस्था की समान धारा में बहते दिखाई दिए।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा स्नान घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और स्वच्छता की व्यापक तैयारियों के कारण स्नान पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहा।

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दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला के सफल आयोजन के लिए—

  • पूज्य अखाड़ों
  • साधु-संत समाज
  • स्थानीय प्रशासन
  • पुलिस प्रशासन
  • मेला प्रबंधन
  • स्वच्छता कर्मियों
  • स्वयंसेवी संगठनों
  • नाविक बंधुओं
  • स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन टीम
  • प्रदेश सरकार के सभी विभागों

को साधुवाद दिया।

उन्होंने कहा कि इतनी विशाल संख्या में श्रद्धालुओं के बावजूद किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होना, प्रशासन और समाज के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।


सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था रही मजबूत

माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हजारों पुलिसकर्मी, पीएसी और होमगार्ड तैनात रहे। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की गई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्थायी अस्पताल, एंबुलेंस और मेडिकल टीमों की व्यवस्था की गई थी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।


स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री योगी के निर्देशानुसार माघ मेला क्षेत्र में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद संगम क्षेत्र और मेला परिसर को साफ-सुथरा बनाए रखने में स्वच्छता कर्मियों ने अहम भूमिका निभाई।
गंगा, यमुना और सरस्वती की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्लास्टिक प्रतिबंध और कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था की गई।


प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेशवासियों सहित देशभर के सनातन आस्थावानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति लेकर आए।


आस्था के साथ विकास का संगम

माघ मेला 2026 यह संदेश देता है कि आस्था और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। बेहतर बुनियादी ढांचा, तकनीक आधारित निगरानी और प्रशासनिक सजगता के साथ प्रयागराज ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि बड़े धार्मिक आयोजनों को भी विश्वस्तरीय मानकों पर सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सकता है।