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बलरामपुर: अन्नपारा व बाहरचुरा जलाशय मछली पालन हेतु पट्टे पर आबंटन, आवेदन 27 जनवरी तक

अन्नपारा एवं बाहरचुरा जलाशय मछली पालन हेतु पट्टे पर आबंटित होंगे, 27 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित

बलरामपुर, 21 जनवरी 2026/ जनपद पंचायत रामचंद्रपुर क्षेत्र में मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने तथा मछुआ समुदाय को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहल की गई है। सहायक संचालक, मत्स्य पालन विभाग के माध्यम से ग्राम पंचायत अन्नपारा स्थित अन्नपारा जलाशय एवं ग्राम पंचायत बाहरचुरा स्थित बाहरचुरा जलाशय को मछली पालन के लिए 10 वर्ष की अवधि हेतु पट्टे पर आबंटित किया जाएगा।

जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रणवीर साय ने बताया कि इस संबंध में इच्छुक एवं पात्र आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। मछली पालन हेतु जलाशयों के आबंटन की यह प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और वास्तविक हितग्राहियों को लाभ मिल सके।

उन्होंने बताया कि इस आबंटन प्रक्रिया में पंजीकृत मछुआरा समिति, स्व-सहायता समूह, मछुआ समूह तथा पंजीकृत मछुआ व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक आवेदकों को निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ 27 जनवरी 2026 की शाम 5:30 बजे तक कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत रामचंद्रपुर में जमा करना होगा।

सीईओ  साय ने बताया कि निर्धारित तिथि एवं समय के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी पात्र आवेदकों से समय-सीमा के भीतर आवेदन जमा करने की अपील की गई है। आवेदन के साथ संबंधित समिति अथवा समूह का पंजीयन प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा।

मत्स्य पालन विभाग के अनुसार जलाशयों को दीर्घकालीन पट्टे पर देने का उद्देश्य मछली उत्पादन बढ़ाना, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करना तथा मछुआ समुदाय की आय में वृद्धि करना है। 10 वर्षों की अवधि होने से हितग्राहियों को योजनाबद्ध ढंग से मत्स्य पालन करने और आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर मिलेगा।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पट्टा आबंटन के बाद संबंधित हितग्राही को जलाशय में मत्स्य पालन शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुरूप करना होगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस पहल को क्षेत्र के मछुआ समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।