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मन्नार की खाड़ी: 21 द्वीपों वाला भारत का अनोखा समुद्री जीवमंडल, जहाँ बसता है 3600 से अधिक प्रजातियों का संसार

नई दिल्ली / भारत का सबसे समृद्ध समुद्री जैव विविधता क्षेत्र मन्नार की खाड़ी जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र प्राकृतिक चमत्कारों की एक अनूठी दुनिया है। लगभग 21 द्वीपों से घिरा यह समुद्री उद्यान मुहानों, सुनहरे समुद्र तटों और कीचड़ वाले मैदानों के साथ एक विशिष्ट पारिस्थितिकी तंत्र प्रस्तुत करता है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग (DoWR, RD & GR) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र लगभग 560 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें तमिलनाडु के थूथुकुडी, तिरुनेलवेली, रामेश्वरम और कन्याकुमारी के तटीय इलाके शामिल हैं।

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मन्नार की खाड़ी की विशेषता इसका बहुआयामी समुद्री जीवन है। यहाँ समुद्री घास, प्रवाल भित्तियाँ, शैवाल समुदाय, खारे दलदल और मैंग्रोव मिलकर एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करते हैं। इस क्षेत्र में लगभग 3,600 से अधिक पौधों और जीव-जंतुओं की प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें 6 मैंग्रोव प्रजातियाँ जैसी कई लुप्तप्राय प्रजातियाँ भी शामिल हैं।

यह समुद्री जीवमंडल जैव विविधता का खजाना माना जाता है, जहाँ पाँच प्रकार के समुद्री कछुए, डॉल्फ़िन, व्हेल, समुद्री खीरे, साथ ही 11 प्रजातियों की समुद्री घास और 117 प्रजातियों के कठोर मूंगे (कोरल) मौजूद हैं। इन प्रवाल चट्टानों को उनकी समृद्ध जैविक संरचना के कारण अक्सर ‘पानी के नीचे का उष्णकटिबंधीय वर्षावन’ कहा जाता है।

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, मन्नार की खाड़ी न केवल समुद्री जीवन के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह तटीय आजीविका, जलवायु संतुलन और पारिस्थितिक सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाती है। यही वजह है कि इसे भारत के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री संरक्षित क्षेत्रों में गिना जाता है।

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