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CBI का ‘ऑपरेशन साइ-स्ट्राइक’: 5 देशों में फैले साइबर अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, एक आरोपी गिरफ्तार

CBI का बड़ा एक्शन: बहुराष्ट्रीय ‘ऑपरेशन साइ-स्ट्राइक’ में अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क ध्वस्त, एक मुख्य आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली।साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय कार्रवाई में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ‘ऑपरेशन साइ-स्ट्राइक (Operation CyStrike)’ लॉन्च कर भारत समेत कई देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस संयुक्त अभियान में अमेरिका, ब्रिटेन, कुवैत, आयरलैंड और सिंगापुर की एजेंसियों के साथ समन्वय किया गया।

CBI ने इस कार्रवाई के तहत एक प्रमुख साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो भारत से संचालित ट्रांसनेशनल साइबर-इनेबल्ड फाइनेंशियल क्राइम नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है।

5 देशों में फैला था साइबर ठगी का जाल

CBI के अनुसार यह नेटवर्क भारत से संचालित होकर
USA, United Kingdom, Kuwait, Ireland और Singapore में लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बना रहा था।
अपराधी फर्जी डिजिटल पहचान, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और बैंकिंग चैनलों के माध्यम से विदेशी नागरिकों से धोखाधड़ी कर रहे थे।

5 राज्यों में एक साथ छापेमारी

30 जनवरी 2026 को CBI ने देश के 5 राज्यों में 35 स्थानों पर एकसाथ तलाशी अभियान चलाया।
छापेमारी इन राज्यों में की गई—

  • नई दिल्ली
  • बिहार
  • महाराष्ट्र
  • कर्नाटक
  • पंजाब
  • राजस्थान
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • तेलंगाना
  • पश्चिम बंगाल

(कुल 35 ठिकाने)

डिजिटल सबूतों का बड़ा जखीरा बरामद

तलाशी के दौरान CBI ने—

  • लैपटॉप
  • मोबाइल फोन
  • कंप्यूटर हार्ड डिस्क
  • अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस

बरामद किए, जिनमें डिजिटल फ्रॉड, फर्जी पहचान और अंतरराष्ट्रीय ठगी से जुड़े अहम सबूत पाए गए हैं।
इन डिवाइसों से अपराध से जुड़ा ऑनलाइन डेटा, पीड़ितों की जानकारी और पैसों के लेनदेन का पूरा नेटवर्क सामने आया है।

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दिल्ली से संचालित नेटवर्क का भंडाफोड़

CBI ने बताया कि यह साइबर-इनेबल्ड फाइनेंशियल क्राइम नेटवर्क नई दिल्ली से संचालित किया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान एक मुख्य ऑपरेटिव को मौके से गिरफ्तार किया गया।

कुवैत वीज़ा और फर्जी जॉब रैकेट भी उजागर

CBI ने एक अन्य साइबर नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया, जो—

  • गाजियाबाद और कर्नाटक से संचालित हो रहा था
  • कुवैत में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था
  • फर्जी कुवैत वीज़ा, अपॉइंटमेंट लेटर और दस्तावेज़ तैयार किए जाते थे

इस नेटवर्क के जरिए कुवैत की कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर भारतीय नागरिकों से पैसे वसूले जाते थे।

नकद राशि और फर्जी दस्तावेज़ जब्त

तलाशी के दौरान CBI ने—

  • इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
  • फर्जी वीज़ा और अपॉइंटमेंट लेटर
  • ₹6.60 लाख नकद

भी बरामद किए हैं, जो ठगी की रकम मानी जा रही है।

विदेशी ठगी का पैसा भारत में खपाया जा रहा था

CBI के मुताबिक आरोपी लोग—

  • विदेशी पीड़ितों से ठगी कर
  • पैसों को अलग-अलग बैंक खातों के जरिए
  • भारत में अपने खातों तक पहुंचा रहे थे

इन खातों की पहचान कर ली गई है और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के एंगल से भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

INTERPOL और विदेशी एजेंसियों के साथ समन्वय

CBI ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन साइ-स्ट्राइक को

  • INTERPOL
  • विदेशी कानून प्रवर्तन एजेंसियों

के साथ मिलकर अंजाम दिया गया।
इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित साइबर अपराध नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

CBI का बयान

CBI ने कहा है कि यह अभियान

“तकनीक आधारित संगठित अपराधों के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का मजबूत उदाहरण है।”

आगामी दिनों में और गिरफ्तारियां तथा अतिरिक्त खुलासे होने की संभावना जताई गई है।

 

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