
राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब, पीएम मोदी बोले– विकसित भारत की दिशा में तेज़ रफ्तार से आगे बढ़ रहा देश
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने मध्यम वर्ग, गरीब, किसान, महिलाएं और युवाओं की भूमिका को बताया निर्णायक।
नई दिल्ली।राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछला वर्ष विकसित भारत की यात्रा में तेज़ प्रगति का रहा है। उन्होंने कहा कि देश के हर क्षेत्र और समाज के हर वर्ग में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और भारत सही दिशा में तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसमें संवेदनशीलता, स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ भारत की प्रगति की तस्वीर प्रस्तुत की गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने संसद के माध्यम से देश की आवाज़ को मजबूती से रखा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, तकनीक और कृषि जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। यह भारत की समावेशी विकास यात्रा को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं की भूमिका भारत की शक्ति को आगे बढ़ाने में निर्णायक है और राष्ट्रपति ने इस विषय को भी प्रभावशाली तरीके से सामने रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के हर वर्ग की क्षमताओं को रेखांकित किया गया है और भारत के उज्ज्वल भविष्य को लेकर मजबूत विश्वास व्यक्त किया गया है, जो पूरे देश को प्रेरित करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि 21वीं सदी की पहली तिमाही पूरी हो चुकी है और जिस प्रकार पिछली सदी की दूसरी तिमाही भारत के स्वतंत्रता संग्राम के लिए निर्णायक रही, उसी तरह 21वीं सदी की दूसरी तिमाही विकसित भारत के निर्माण के लिए निर्णायक और तेज़ रफ्तार वाली होगी।
उन्होंने कहा कि आज हर नागरिक यह महसूस कर रहा है कि भारत एक ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, जहां न रुकने का विकल्प है और न पीछे देखने का। देश के सामने केवल एक ही रास्ता है—
तेज़ गति से आगे बढ़ना, लक्ष्य हासिल करना और उसे प्राप्त करने के बाद ही रुकना।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि युवाओं की ऊर्जा, जनभागीदारी और सामूहिक इच्छाशक्ति के बल पर भारत विकसित राष्ट्र बनने के अपने संकल्प को निश्चित रूप से पूरा करेगा।











