कोयंबटूर में मोदी की ‘ऐतिहासिक’ रैली: तमिलनाडु से DMK की विदाई तय, NDA गठबंधन की जीत का किया दावा
कोयंबटूर: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में अब महज 5 दिन शेष हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयंबटूर में एक विशाल चुनावी रैली को संबोधित कर राज्य की सियासत में नई जान फूंक दी है। इस रैली में उनके साथ AIADMK प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी और गठबंधन के अन्य बड़े नेता मंच पर मौजूद रहे।
पुथांडु से नई शुरुआत का आह्वान
प्रधानमंत्री ने हाल ही में मनाए गए ‘पुथांडु’ (तमिल नव वर्ष) उत्सव का उल्लेख करते हुए इसे ‘नई शुरुआत’ का प्रतीक बताया। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि इस बार तमिलनाडु में डीएमके के ‘प्रतिगामी शासन’ को विदा करने का समय आ गया है।
विपक्ष पर तीखा हमला: महिला आरक्षण और विकास की अनदेखी
रैली के दौरान पीएम मोदी ने डीएमके और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने 2023 के महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि विपक्ष की राजनीति केवल परिवारवाद तक सीमित है, जबकि एनडीए राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
NDA के प्रमुख चुनावी वादे
जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने एनडीए गठबंधन के उन संकल्पों को दोहराया जो महिलाओं और गरीबों के सशक्तिकरण के लिए लिए गए हैं:
- मुफ्त एलपीजी सिलेंडर: राज्य के गरीब परिवारों को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने का वादा।
- महिलाओं को मासिक सहायता: महिलाओं के लिए मासिक वित्तीय सहायता योजना लागू करना।
- शासन में पारदर्शिता: भ्रष्टाचार मुक्त और जवाबदेह सरकार का आश्वासन।
चुनावी समीकरण और सर्वेक्षण
हालाँकि वर्तमान ओपिनियन पोल राज्य की 234 सीटों में से 181-189 सीटों पर डीएमके गठबंधन की जीत का अनुमान लगा रहे हैं, लेकिन भाजपा नेताओं का दावा है कि कोयंबटूर की यह रैली ‘ऐतिहासिक’ है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के प्रति जनता में भारी नाराजगी है, जो मतदान के दिन चौंकाने वाले परिणाम दे सकती है।
कोयंबटूर की इस रैली ने तमिलनाडु के चुनाव को ‘कांटे की टक्कर’ में बदल दिया है। जहाँ एक ओर सत्तापक्ष अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, वहीं प्रधानमंत्री मोदी और पलानीस्वामी की जोड़ी ने ‘परिवर्तन’ का नारा बुलंद कर दिया है। अब सबकी निगाहें 23 अप्रैल को होने वाले मतदान पर टिकी हैं।










