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अनिल अंबानी की कंपनी पर ओडिशा के विद्युत नियामक का चार हज़ार करोड़ का बकाया

अनिल अंबानी की कंपनी पर ओडिशा के विद्युत नियामक का चार हज़ार करोड़ का बकाया

अनिल अंबानी की कंपनी पर ओडिशा के विद्युत नियामक का चार हज़ार करोड़ का बकाया
अनिल अंबानी की कंपनी पर ओडिशा के विद्युत नियामक का चार हज़ार करोड़ का बकाया

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भारत देश की सबसे टॉप कंपनियों में से एक रिलायंस कंपनी जिस के संचालक अनिल अंबानी है जिन्हें पैसों की कोई कमी नहीं है ऐसी बड़ी बड़ी कंपनियां भी अपने फायदे को देखते हुए ही काम करती हैं फायदा जहां पर इनको हुआ कम वहां पर इन्होंने अपना खोल दिया पोल ऐसा ही एक उदाहरण रिलायंस कंपनी पर ओडिशा के विद्युत नियामक का चार हज़ार करोड़ का बकाया आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है

ओडिशा बिजली नियामक आयोग ने गुरुवार को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 4000 करोड़ रुपये से ज़्यादा बकाया राशि अदा करने का आदेश दिया है.

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ये राशि अनिल अंबानी द्वारा नियंत्रित रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की तीन बिजली वितरण कंपनियों पर बकाया थी जिनके लाइसेंस छह साल पहले रद्द कर दिए गए थे.

ओडिशा सरकार द्वारा संचालित फर्म ग्रिडको ने ओडिशा बिजली नियामक आयोग में दाखिल अपनी याचिका में कहा था कि इन कंपनियों के लाइसेंस साल 2015 में लाइसेंस कंडीशन, शेयरहोल्डर अग्रीमेंट, और इलेक्ट्रिसिटी एक्ट समेत अन्य नियमों के उल्लंघन की वजह से रद्द कर दिए थे.

ग्रिडको ने दावा किया था कि आरआईएल एवं इसकी बिजली वितरक कंपनियों पर 4234 करोड़ रुपये बकाया हैं.

वहीं, आरआईएल का दावा है कि बिजली वितरक कंपनियां एक अलग कानूनी इकाई हैं, ऐसे में उन पर बकाया राशि मूल कंपनी से हासिल नहीं की जा सकती.

हालांकि, बिजली नियामक आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा है, “हम ये मानते हैं कि आरआईएल द्वारा प्रबंधित तीनों बिजली वितरक कंपनियों के साथ – साथ स्वयं आरआईएल भी याचिकाकर्ता के उपरोक्त दावे को निपटाने के लिए उत्तरदायी है.”

Ashish Sinha

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