महिलाओं को दी गई अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की जानकारी

महिलाओं को दी गई अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की जानकारी

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P.S.YADAV/ब्यूरो चीफ/सरगुजा//  राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वाधान में महिलाओं के अधिकारों के संबंध में जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बिकापुर के अध्यक्ष,  आर बी घोरे की अध्यक्षता में 31 अक्टूबर 2021 को शासकीय कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल अम्बिकापुर के प्रांगण में महिलाओं के अधिकारों के संबंध में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश , आरबी घोरे ने घरेलु हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, दहेज प्रतिषेध अधिनियम लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन अधिनियम, बाल विवाह प्रतिशेष अधिनियम के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव  जनार्दन खरे ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, लैंगिक उत्पीडन, दहेज उत्पीड़न की जानकारी दी।

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इसके साथ ही घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा के तहत एक पीड़ित व्यक्ति कौन है, कौन से कार्य शारीरिक शोषण के श्रेणी में आते हैं, लैंगिक शोषण का क्या अर्थ है, के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित आशा तिवारी पेनल अधिवक्त एवं लक्ष्मी सिन्हा, पेनल अधिवक्ता द्वारा महिलाओं से संबंधित कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। सामाजिक कार्यकर्ता  वन्दना दत्ता एवं मीरा शुक्ला ने  महिलाओं के कर्तव्य एवं अधिकारों के बारे में जानकारी दी।

इस अवसर पर पेनल अधिवक्ता  आशा तिवारी शासकीय कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल की प्राचार्य कुरैशी, महिला बाल विकास विभाग से संबंधित महिलायें, सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी महिलायें, गृहिणीयां एवं शासकीय सेवा में कार्यरत महिलायें उपस्थित थी।