भारत ने अरुणाचल प्रदेश से लगे चीनी बॉर्डर पर क्रूज़ मिसाइलें और होविट्ज़र्स तोपें तैनात कीं: रिपोर्ट

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भारत ने अरुणाचल प्रदेश से लगे चीनी बॉर्डर पर क्रूज़ मिसाइलें और होविट्ज़र्स तोपें तैनात कीं: रिपोर्ट

चीन के नए सीमा कानून और बारह दौर की बातचीत की नाकामी के बाद भारत ने चीन से लगी सीमाओं पर अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और पुख़्ता करना शुरू कर दिया है.

समाचार एजेंसी एएफपी ने भारतीय सेना के हवाले से की गई एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत ने अरुणाचल प्रदेश से लगे चीनी बॉर्डर के पास क्रूज़ मिसाइल और होविट्ज़र्स तोपें तैनात की हैं.

समाचार एजेंसी के अनुसार उसी सीमा पर अमरीका में तैयार चिनुक मालवाहक हेलीकॉप्टर्स और इसराइली ड्रोन्स भी मौजूद हैं.

अधिकारियों ने एएफपी से कहा है कि पिछले साल हुई झड़पों के बाद इस बात की ज़रूरत महसूस की गई कि वहां की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख़्ता किया जाए.

भारत और चीन के बीच 17 माह पहले शुरू हुए सीमा विवाद के बाद 12 राउंड की कमांडर स्तर की बातचीत हो चुकी है.

हालांकि अगस्त में हुई बातचीत के बाद लद्दाख के गोगरा क्षेत्र से अस्थायी निर्माण को हटाने और दोनों सेनाओं के अपने पुराने स्थानों पर वापिस लौटने की बात पर सहमति बनी थी.

लेकिन 12वें राउंड की वार्ता बेनतीजा रही और दोनों पक्षों ने दूसरे को जिम्मेदार ठहराया. इस बीच चीन में भारत की राजदूत रह चुकी निरुपमा राव ने टेलीवीजन चैनल सीएनबीसी से कहा है कि दोनों देशों के बीच विवाद का निपटारा जल्द होता संभव नहीं दिख रहा है.

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उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता है कि भारत और चीन के बीच विवाद का निपटारा जल्द होने जा रहा है. मेरी किताब में इस बात का ज़िक्र है कि दोनों के बीच जो विवाद है उसका एक इतिहास है. और वर्तमान और भविष्य में इस समस्या से निपटने के लिए ये ज़रूरी है कि हम भूत को समझें. इस विवाद को सुलझाने की दशकों से कोशिश होती रही है लेकिन इसको लेकर पक्षों के इरादे दृढ़ होते गए हैं. ”

निरुपमा राव साल 2006 से 2009 के बीच चीन में भारत की राजदूत थीं.

अरुणाचल प्रदेश को चीन दक्षिणी तिब्बत पुकारता रहा है, वहां भारत के नेताओं के दौरे तक पर उसने एतराज़ जताया है जिसका भारत ने सख्ती से जवाब दिया है.

भारत इस क्षेत्र में सुरंगों से गुज़रते हुए एक सड़क तैयार कर रहा है जो अगले साल तक खुल जाएगा. लद्दाख के जोजिला पास में भी इसी तरह का एक प्रोजेक्ट जारी है.

समाचार एजेंसी एएफपी का कहना है कि तवांग में मौजूद एक भारतीय सैन्य अधिकारी ने उससे कहा कि इस इलाके की आबोहवा बहुत कठोर है और हमें जाड़ो को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह तैयार रहने की ज़रूरत है.

लद्दाख में हुई झड़पों के बाद भी जिसमें दोनों देशों के सैनिक मारे गए थे, तनाव कम होने की बजाए बढ़ते रहे हैं.

चीन ने नया सीमा कानून लाया है जो अगले साल जनवरी से लागू हो जाएगा. इस कानून के मुताबिक़ चीन अपनी सीमा में किसी तरह की दखल का जवाब देगा.

भारत ने कहा है कि ये कानून उसके हितों को पूरी तरह नकारते हुए किया गया है. दूसरी तरफ भारत ने हाल में ही एक मिसाइल का परीक्षण किया है जिसे कुछ विशेषज्ञ चीन को दी गई चेतावनी बताते हैं.