रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 20 नवम्बर को नई दिल्ली में ग्रहण करेंगे राष्ट्रपति से स्वच्छता अवार्ड

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 20 नवम्बर को नई दिल्ली में ग्रहण करेंगे राष्ट्रपति से स्वच्छता अवार्ड

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

राज्य के 61 निकायों को भी मिलेगा पुरस्कार, छत्तीसगढ़ से सबसे ज्यादा निकायों को मिलेगा सम्मान

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित स्वच्छ अमृत महोत्सव में दिया जाएगा अवार्ड

छत्तीसगढ़ लगातार तीसरी बार स्वच्छता में नम्बर वन: वर्ष 2019 एवं 2020 में भी स्वच्छता के मामले में था अग्रणी राज्य

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

रायपुर, 16 नवंबर 2021मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर मनाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत 20 नवंबर 2021 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित स्वच्छ अमृत महोत्सव में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों छत्तीसगढ़ को भारत के स्वच्छतम् राज्यों की श्रेणी में दिए जाने वाला अवार्ड ग्रहण करेंगे।
छत्तीसगढ़ ने स्वच्छता के क्षेत्र में अपना परचम लहराते हुए देश के स्वच्छ्तम राज्य के अपने दर्जे को बरकरार रखते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। छत्तीसगढ़ को न सिर्फ़ राज्य के रूप में, बल्कि यहां के 61 शहरी निकायों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य होगा जिसके सबसे ज्यादा निकाय पुरस्कृत किए जा रहे हैं। स्वच्छता के मामले में छत्तीसगढ वर्ष 2019 एवं 2020 में भी अग्रणी राज्य रहा है।
    गौरतलब है कि भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्यमंत्रालय द्वारा हर साल देश के समस्त शहरों एवं राज्यों के मध्य स्वच्छ सर्वेक्षण का आयोजन किया जाता है। इसमें विभिन्न मापदंडों के अंतर्गत शहरी स्वच्छता का आंकलन किया जाता है। मुख्य रूप से घर-घर से कचरा एकत्रीकरण, कचरे का वैज्ञानिक रीति से निपटान, खुले में शौच मुक्त शहर, कचरा मुक्त शहर आदि का थर्ड पार्टी के माध्यम से आंकलन करते हुए नागरिकों के फीडबैक को भी इसमें शामिल किया जाता है। इसी आधार पर राज्यों एवं शहरों की रैंकिंग जारी कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों तथा शहरों को पुरस्कृत किया जाता है।
छत्तीसगढ़ देश का ऐसा एक मात्र प्रदेश है जहां पर नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी के सिद्धांतों के अनुरूप 9000 से अधिक स्वच्छता दीदियों द्वारा घर-घर से 1600 टन गीला एवं सूखा कचरा एकत्रीकरण करते हुए वैज्ञानिक रीति से कचरे का निपटान किया जा रहा है। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को देश का प्रथम ओडीएफ़ प्लस प्लस राज्य घोषित किया गया है।