अब ट्रेन में मस्त मौला होकर करें सफर, खोए हुए सामान को भी ट्रैक कर पा सकते हैं वापस
Indian Railways: अगर ट्रेन में यात्रा के दौरान आपका सामान खो गया है तो उसके लिए आपको अब कत्तई परेशान होने की जरूरत नहीं है. रेलवे की तरफ से ‘मिशन अमानत’ की शुरुआत की गई है. इससे आपकी मदद की जाएगी. आपको कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, जिससे आपका सामान आसानी से मिल जाए.
यात्रियों के साथ-साथ उनके सामान की सेफ्टी और सिक्योरिटी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी लेता है. इस दिशा में आरपीएफ ने ‘मिशन अमानत’ (Mission Amanat) की शुरुआत की है.
ट्रेन में अक्सर यात्रा करने से कुछ न कुछ छूट जाता है. ख़ास कर जनरल बोगी में. अकसर ट्रेन में यात्रा करने के दौरान ऐसा देखा गया है कि सामान गायब हो जाता है. लेकिन अब आपको परेशान होने की ज़रुरत नहीं. भारतीय रेलवे (Indian Railwyas) ने यात्रियों के खोए हुए सामान को ट्रैक करने के लिए नई पहल शुरू की है. नई पहल के जरिये यात्री अपने खोए हुए सामानों को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं. और उन तक पहुंच सकते हैं. रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) यात्रियों के साथ-साथ उनके सामान की सेफ्टी और सिक्योरिटी सुनिश्चित करने की जिमेदारी लेता है. इस दिशा में आरपीएफ ने ‘मिशन अमानत’ (Mission Amanat) की शुरुआत की है, जिससे रेल यात्रियों को अपना खोया हुआ सामान आसानी से वापस मिल जायेगा. तो अब ट्रेन में बेफिक्र हो कर आप कहीं भी यात्रा करें।
पश्चिम रेलवे ने अपने ट्वीट में कहा, यात्रियों को अपना खोया हुआ सामान वापस पाना आसान बनाने के लिए पश्चिम रेलवे के आरपीएफ ने एक नई पहल की है. मिशन अमानत पहल के तहत फोटो के साथ खोए हुए सामान की डिटेल्स रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर पोस्ट की जाती है. आप भी इस वेबसाइट पर जाकर अपने खोए हुए सामान की डिटेल्स देख सकते हैं. यात्री मिशन अमानत- आरपीएफ वेबसाइट http://wr.indianrailways.gov.in पर पोस्ट किए गए चित्रों के साथ खोए हुए सामान की डिटेल्स.
सामान हुए वापस
जानकारों के मुताबिक वर्ष 2021 के दौरान, जनवरी से दिसंबर तक पश्चिम रेलवे जोन के रेलवे सुरक्षा बल ने कुल 1 हज़ार से ज्यादा रेल यात्रियों से संबंधित 2.58 करोड़ रुपये मूल्य का सामान बरामद किया और वेरिफिकेशन के बाद उन्हें उनके असली मालिकों को वापस कर दिया.
वसूले 68 करोड़ रुपये
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक अन्य ट्वीट में पश्चिम रेलवे ने बताया कि पश्चिम रेलवे बिना परमिशन यात्रा पर रोक लगाने के लिए नियमित टिकट जांच अभियान चला रही है. इन सब के बीच 2021 तक की अवधि के दौरान अनियमित यात्रा करने वालों से 68 करोड़ रुपये और बिना मास्क मामलों से 40.09 लाख रुपये के जुर्माने अब तक ले चुके हैं.














