कोरबाछत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़राज्य

केन्द्रीय संयुक्त सचिव ने प्रदेश के पहले वेट रिलिंग इकाई में महिलाओं द्वारा किये जा रहे कोसा धागाकरण के काम का किया अवलोकन।

रायपुर : केन्द्रीय संयुक्त सचिव ने प्रदेश के पहले वेट रिलिंग इकाई में महिलाओं द्वारा किये जा रहे कोसा धागाकरण के काम का किया अवलोकन

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b


भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव रघुराज माधव राजेंद्रन ने कोसा धागाकरण के लिए कोरबा शहर में स्थापित प्रदेश के पहले वेट रिलिंग इकाई का निरीक्षण किया। संयुक्त सचिव ने रेशम विभाग के कोसाबाड़ी केन्द्र में पहुंचकर महिलाओं द्वारा कोकून से धागा निकालने के किये जा रहे काम का अवलोकन किया। उन्होंने रेशम विभाग के सहायक संचालक से केन्द्र में स्थापित वेट रिलिंग और बुनियाद रिलिंग इकाई के बारे में जानकारी ली। कोसाबाड़ी केन्द्र में लगभग 45 महिलाएं वेट रिलिंग और बुनियाद मशीन से कोसा धागा निकालने के काम में संलग्न हैं। सहायक संचालक एस.डी शर्मा ने संयुक्त सचिव श्री राजेन्द्रन को बताया कि एक ककून में लगभग एक हजार 500 मीटर धागा निकलता है। निकाले गये धागा शत प्रतिशत टसर सिल्क होता है। जिसकी कीमत बाजार में साढ़े चार हजार से साढ़े पांच हजार रूपये तक होती है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के बुनकर उच्च गुणवत्ता के कोसा धागा के लिए चाईना और जापान जैसे देशों पर निर्भर थे। इस कमी को पूरा करने के लिए रेशम विभाग द्वारा वेट रिलिंग मशीन स्थापित किया गया है। इस मशीन से उच्च गुणवत्ता के कोसा धागा निकालने का काम महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। जिससे महिलाओं को प्रति माह अच्छी आमदनी हो रही है। महिलाओं को धागा निकालने के लिए प्रशिक्षित भी किया गया है। सहायक संचालक ने राजेंद्रन को कोकून से कोसा धागा निकालने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। वेट रिलिंग के अलावा महिलाएं बुनियाद मशीन से भी धागा निकालने का काम कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि कोसा धागाकरण से जिले के तीन सौ परिवारों को घर बैठे रोजगार मिल रहा है। महिलाओं को घर में ही कोसा धागा निकालने के लिए मशीन भी दिया गया है। महिलाएं घरेलू कार्य के साथ-साथ आसानी से धागा निकालने का काम कर रही हैं, जिससे महिलाओं को आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। 
इस दौरान जिला कलेक्टर कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सहित जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। 

केन्द्रीय संयुक्त सचिव ने किया प्रयास आवासीय विद्यालय का निरीक्षण।

​​​​​​​मार्कफेड से समन्वय कर समितियों से धान का तेजी से उठाव कराएं: बैजनाथ चंद्राकर

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!