300 महिलाओं को कच्चे देशी आमों का प्रसंस्करण से फ़ूड ग्रेड आमचूर बनाने का दिया गया प्रशिक्षण

जशपुरनगर : 300 महिलाओं को कच्चे देशी आमों का प्रसंस्करण से फ़ूड ग्रेड आमचूर बनाने का दिया गया प्रशिक्षण

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वन मंडलाधिकारी जीतेन्द्र उप्पाध्याय के मार्गदर्शन में बगीचा विकासखण्ड के वन धन एवं एन आर एल एम के 30 महिला स्व-सहायता समूहों की लगभग 300 से अधिक महिलाओं को कच्चे देशी आमों का प्रसंस्करण से फ़ूड ग्रेड आमचूर बनाने एवं मुल्यवर्धन का जिला प्रशासन एवं वन मंडल जशपुर के संयुक्त तत्वाधान 20 अप्रैल को प्रशिक्षण दिया गया।
ग्राम पंचायत भवन बिमड़ा में जय जंगल कृषक उत्पादक कम्पनी के एस.के.गुप्ता सेवा निवृत एस.डी.ओ वन विभाग, मास्टर ट्रेनर शीमती शांता एक्का एवं श्रीमती अनेश्वरी भगत द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। जिले में वन एवं वन के बाहर प्राचूर मात्रा मे देशी आम का उत्पादन होता है। जिसका संग्रहण ग्रामीणों द्वारा नही किया जाता या कम मात्रा में संग्रहण करते हैं। प्रसंकरण एवं मूल्यवर्धन का उचित विधि मालूम नहीं होने एवं सही मूल्य नहीं मिलने के कारण आर्थिक नुकसान होता रहा है। जिला प्रशासन द्वारा इस वर्ष मूल्यवर्धन हेतु प्रशिक्षण एवं मार्केटिंग चेन का व्यापक कार्य योजना वन विभाग के मिलकर कार्य प्रारम्भ किया गया है। इस योजना से जिले के हजारों महिला स्वसहायता समूहों का कौशल उन्नयन एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता होगी।
उल्लेखनीय है की वन धन योजनांतर्गत 2500 किवंटल आमचूर के उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित है। ए ग्रेड आमचूर का दर 120 रूपये एवं बी ग्रेड का 80 रूपये प्रति किलो शासन द्वारा निर्धारित है। ए ग्रेड आमचूर का पावडर बनाकर पैकिंग कर बड़ी कम्पनियो को सप्लाई करने का योजना भी तैयार किया गया है। इसके लिए वन विभाग के बालाछपर नर्सरी में फूड प्रोसेसिंग ईकाइ की स्थापना की गई है। इस केंद्र में अन्य उत्पादों के साथ आमचूर पावडर बनाने का प्रशिक्षण स्थानीय महिला समूहों को दिया जाकर अतिरिक्त आय का सृजन किये जाने की योजना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में परीक्षेत्र अधिकारी बगीचा, उनके स्टॉफ एवं वनोपज समिति के प्रबंधक का विशेष भूमिका रही।