विभिन्न मांगों को लेकर श्रमिक संगठन एटक का महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष हल्ला बोल प्रदर्शन

विभिन्न मांगों को लेकर श्रमिक संगठन एटक का महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष हल्ला बोल प्रदर्शन

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

गोपाल सिंह विद्रोही बिश्रामपुर -महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष श्रमिक संगठन एटक के कार्यकर्ताओं ,ठेका मजदूरों ने हल्ला बोल आंदोलन किया।
जानकारी के अनुसार एटक यूनियन के नेतृत्व मे करीब 200 कर्मचारियों ने एटक कार्यालय से मोटर सायिकल रैली निकला जो नगर के मुख्य मार्ग से होते हुये महाप्रबंधक कार्यालय पहुचा जहाँ केंद्र सरकार और कोल इंडिया प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । धरना प्रदर्शन मे कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुये केन्द्रीय अध्यक्ष कामरेड अजय विश्वकर्मा ने कहा कि करीब 45 सुत्रीय मांग को लेकर एसईसीएल के सभी एरिया में आन्दोलन हो रहे है। 11 जुलाई 22 एसईसीएल मुख्यालय में कामरेड रमेंद्र कुमार पूर्व सांसद राष्ट्रीय अध्यक्ष एटक के मुख्य आथित्य में तथा कामरेड हरिद्वार सिंह, महासचिव एसकेएमएस जो कार्यक्रम के मुख्य वक्त्ता है के उपस्थिति में एसईसीएल मुख्यालय ,सीएमडी कार्यालय के समक्ष हल्ला बोल आंदोलन किया जाएगा।
कामरेड अजय विश्वकर्मा ने बताया कि मजदूरों के साथ नाइंसाफी ,भेदभाव, कामों में देरी या उनके सहूलियत में कटौती एटक को मंजूर नहीं है। जेबीसीसीआई की 4 बैठक हो चुकी है पांचवी बैठक हैदराबाद में 1 जुलाई को रखी गई है किंतु समझौते से अभी हम कोसों दूर है। भारत सरकार कोल इंडिया एवं एसईसीएल प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करने के लिए एटक ने एसईसीएल मुख्यालय के सामने जंगी प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है कोयला उद्योग का निजीकरण मजदूरों के जीवन को फिर से नारकीय बना देगा जो मजदूरों को मंजूर नहीं है। कोल इंडिया का टुकड़े-टुकड़े करना सार्वजनिक क्षेत्र के साथ धोखा है, 20 बंद खदानों को प्राइवेट मालिकों को देना पिछले दरवाजे से निजीकरण की प्रक्रिया को प्रारंभ करना है ठेका मजदूरों को एच पी सी वेज नहीं मिल रहा है। आखिर 1080 रुपया सरकारी खजाने से ठेका मजदूरों के नाम पर रोज निकल रहा है वह कहां जा रहा है छोटी गाड़ियां जो खदान के काम में लगी हैं उनके ड्राइवर को भी एच पी सी वेज मिलना चाहिए ।ठेका मजदूरों को सालाना छुट्टी एवं सीक भी मिलना चाहिए संचालन समिति मैं बनी सहमति के आधार पर 20 प्रतिशत मजदूरों का कम से कम पदोन्नति होना ही चाहिए, मेगा परियोजना में मजदूरों को रहने के लिए घर नहीं है, तत्काल उन्हें घर मुहैया किया जाना चाहिए। नई खदान प्रारंभ करनी चाहिए, मजदूरों के घरों की रिपेयरिंग गुणवत्ता के साथ की जानी चाहिए मजदूरों को बेहतर इंसेंटिव का भुगतान किया जाना चाहिए। ओवरटाइम कराने के बाद भुगतान करने में हीला हवाली बंद की जानी चाहिए ओपन कास्ट खदानों एवं सी एच पी में डस्ट से बचाव का प्रभावशाली इंतजाम किया जाना चाहिए ।अस्पतालों में दवा की कमी को दूर किया जाना चाहिए जिस क्षेत्र के कर्मचारी की मृत्यु होती है उसके आश्रित को उसी क्षेत्र में रोजगार दिया जाना चाहिए, पुराने प्रकरण के नाम पर लंबित पड़े आश्रितों के फाइलों को त्वरित कार्यवाही कर निराकरण कर उन्हें रोजगार मुहैया कराई जानी चाहिए ।भूमि अधिग्रहण के प्रकरण को शीघ्र अति शीघ्र निपटारा कर भू विस्थापितों को रोजगार देना चाहिए। माइनिंग सरदार, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, ओवरमैन ,पैरामेडिकल स्टाफ नर्सेज, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन आदि के कमी को सीधी भर्ती कर दूर किया जाना चाहिए ।जिन कर्मचारियों को ड्रेस मिलता है उनको तत्काल ड्रेस मुहैया की जानी चाहिए नागा के नाम पर बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को रोजगार प्राप्त करने का एक अवसर और देना चाहिए ,ठेका मजदूरों को भी आवास मुहैया की जानी चाहिए ।क्लर्क की कमी को देखते हुए डीपीसी करा कर लिपिकों की कमी को दूर की जानी चाहिए ।डाटा एंट्री ऑपरेटर के टेस्ट लिए गए थे किंतु कई विसंगतियों के कारण परिणाम घोषित नहीं किए गए ऐसी स्थिति में दोबारा परीक्षा लेकर परिणाम घोषित की जानी चाहिए और डाटा एंट्री ऑपरेटर की कमी को दूर किया जाना चाहिए जिन कामों में मजदूर लगे हैं पद परिवर्तन कर कामों के अनुकूल पद दिया जाना चाहिए मजदूरों को कॉलोनी से खदान तक ले जाने वाले बस 2 ×2 ए सी होना चाहिए। सर्व सुविधा युक्त कॉलोनी का निर्माण किया जाना चाहिए। देखा जा रहा है की स्कूल बसों की हालत अच्छी नहीं है मजदूरों के भविष्य उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए बेहतर कंडीशन की बसें लगाई जानी चाहिए जहां कहीं भी मजदूरों के पीने की पानी का अभाव है तत्काल शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जाना चाहिए चाहे खदान हो या कॉलोनी। 940 के तहत असहाय पड़े बीमार मजदूरों का मेडिकल कराकर उन्हें अनफिट किया जाए एवं उनके आश्रित को रोजगार दिया जाए लड़कों के जैसे लड़कियों को भी रोस्टर में रखने का प्रावधान किया जाए और 18 साल होने पर उन्हें रोजगार दिया जाए। 2017 से सेवानिवृत्त पूर्व कर्मचारियों को 20 लाख रुपए ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाए। कामरेड पंकज गर्ग ने सभा को सम्बोधित करते हुये कहा कि क्षेत्रीय प्रबंधन की उदासीनता के कारण कर्मचारियों के छोटे छोटे काम भी आज नही हो पा रहे है। हर तरफ कर्मचारियो का शोषण हो रहा है।
आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता का0 हीरालाल ने किया कार्यक्रम को सफल बनने में व्ही सी जैन, बेनुगोपाल सिंह, कामदेव सिंह विनोद सिंह हर्ष शर्मा राजेश सिंह पीएन सिंह हरेन्दर सिंह राणा विनय सिंह मनोज कुमार रंजीत मिश्रा आशिष पान्डे नरेंद्र यादव राजेश त्रिपाठी मुरलीधर अमन कश्यप दीप सिंह सलमान खान सन्तोष श्रीवास्तव तैयाब अली अखेय जी सहित सैकडो कर्मचारियो उपस्थित थे। अंत मे धरना के माध्यम से एसईसीएल के सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों से अपील किया है कि 11 जुलाई 2022 को बिलासपुर एसईसीएल मुख्यालय पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुच के आन्दोलन को सफल करे।