
कांकेर में विकास की रफ्तार तेज: 2 साल में 61.50 करोड़ के 15 पुल पूरे, 85 करोड़ के 9 नए पुलों को मंजूरी
उत्तर बस्तर कांकेर में सुदूर क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 61.50 करोड़ के 15 पुल पूरे, 85 करोड़ के 9 नए पुल स्वीकृत। माओवाद उन्मूलन और विकास को मिलेगी नई गति।
कांकेर में विकास के नए सेतु: 2 साल में 61.50 करोड़ के 15 पुल पूरे, 85 करोड़ के 9 नए पुलों को मिली मंजूरी
उत्तर बस्तर कांकेर, 13 फरवरी 2026।जिले में अब विकास और समृद्धि के द्वार खुलने लगे हैं। शासन की मंशानुसार सुदूर और अंदरूनी इलाकों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर सड़क एवं पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इससे जहां एक ओर सड़क संपर्क सुदृढ़ हुआ है, वहीं दूसरी ओर माओवाद को हतोत्साहित कर उसके उन्मूलन की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
विगत दो वर्षों में सेतु निर्माण संभाग के अंतर्गत आकांक्षी जिला कांकेर में तेजी से पूर्ण हुए पुल निर्माण कार्यों ने जिले के सुदूरांचल क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास को नई गति दी है।
2 साल में 61.50 करोड़ के 15 पुल पूर्ण
कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में जिले में 15 सेतु निर्माण कार्य कुल लागत 61.50 करोड़ रुपए में पूर्ण किए गए हैं। इन पुलों के निर्माण से माओवाद उन्मूलन अभियानों को गति मिली है तथा प्रभावित क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज हुई है।
उन्होंने बताया कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आतुरबेड़ा–भैसगांव–निन्ना मार्ग पर मेंढ़की नदी पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है, जो क्षेत्र के लिए रणनीतिक एवं विकासात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
100 गांवों के 80 हजार लोगों को मिला बारहमासी संपर्क
इन पुलों के माध्यम से जिले के लगभग 100 गांवों की करीब 80 हजार आबादी का ब्लॉक, तहसील एवं जिला मुख्यालय से बारहमासी संपर्क स्थापित हो गया है। इससे ग्रामीणों को उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, व्यापार, पर्यटन, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों और शासन की योजनाओं का सीधा लाभ मिलने लगा है।
85 करोड़ के 9 नए वृहद पुलों को मिली स्वीकृति
जिले के हर कोने को राज्य एवं राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने के उद्देश्य से शासन द्वारा पिछले दो वर्षों में 85 करोड़ रुपए की लागत से 9 नए वृहद पुल निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है।
सेतु निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता राजेंद्र सोनकर ने बताया कि स्वीकृत कार्यों में बासनवाही–टांहकापार मार्ग पर महानदी पर 28 करोड़ रुपए की लागत से पुल निर्माण प्रमुख है, जो हजारों ग्रामीणों की सुविधा एवं पर्यटन विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
इसी प्रकार सोनपुर–मरोड़ा मार्ग के कि.मी. 78/10 (बेचाघाट) पर कोटरी नदी पर 15.50 करोड़ रुपए की लागत से पुल निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके पूर्ण होने से माओवाद प्रभावित माड़ क्षेत्र का सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा।
विकास और सुरक्षा दोनों को मिलेगा बल
ये पुल न केवल माओवाद उन्मूलन में मील का पत्थर साबित होंगे, बल्कि जिले के सुदूरवर्ती ग्रामों में रहने वाले ग्रामीणों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से व्यापक लाभ पहुंचाएंगे। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों, आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।











