
ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़
जल्द ही ताम्रलिप्त बंदरगाह से चलेगी सदियों पुरानी तकनीक से बनी समुद्री नौका
जल्द ही ताम्रलिप्त बंदरगाह से चलेगी सदियों पुरानी तकनीक से बनी समुद्री नौका
दिहीमंडल (हावड़ा) ताम्रलिप्त या तामलुक के प्राचीन बंदरगाह से रूपनारायण नदी के दूसरी तरफ एक छोटा सा फुटबॉल का मैदान है जिसमें एक कारीगर समुद्र में खेने के लिए हाथ से नौका तैयार कर रहे हैं। पंचानन मंडल इस तरह की नाव बनाने वाले अंतिम जीवित शिल्पकार हैं।.
जानेमाने मानव विज्ञानी और समुद्र विज्ञानी स्वरूप भट्टाचार्य के लिए यह परियोजना एक सपने के सच होने जैसी है जिसे ब्रिटेन के ‘विलुप्त सामग्री ज्ञान कार्यक्रम’ के तहत वित्तपोषित किया जा रहा है।.











