
लॉकडाउन में कुम्हारों को बड़ी नुकसान बाजार में देसी फ्रिज की मांग बढ़ी

डोंगरगांव कोरोना संक्रमण के चलते लोगों में भय बना हुआ है कोरोना कॉल में आम आदमी की दिनचर्या पूरी तरह घर तक सिमट कर रह गई है वर्तमान में लगातार संक्रमण और ज्यादा बढ़ने से पूरे छत्तीसगढ़ ने लॉक डाउन की स्थिति बनी हुई है Jain में रोजमर्रा कमाने खाने वालों को सबसे ज्यादा कठिनाइयों एवं परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है छोटे वर्ग के रोज कमाने खाने वाले छोटे व्यवसायियों को आर्थिक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है पिछले माह 11 अप्रैल से 15 मई तक लॉकडाउन घोषित हुआ है जिले में बहुत से ऐसे लोग हैं जो प्रतिदिन रोजी मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का जीवन यापन करते हैं बीते 27 दिनों में लॉकडाउन ने खासकर छोटे वर्ग के लोगों की हालत बहुत ही खराब हो गई है वर्तमान में साल भर में 1 सीजन सिर्फ कुम्हारों का होता है जो गर्मी के चलते भास्कर देसी फ्रिज के नाम से मशहूर घड़ा मटका बड़ी मात्रा में बनकर तैयार है जिनमें सभी कुमार घड़ा मटका मिट्टी से बने इत्यादि समान बेचकर साल भर की कमाई करते हैं परंतु इस वर्ष लॉकडाउन में इंदौर अपने धंधा कुछ भी नहीं कर पाए हैं और बड़े नुकसान हुई है डोंगरगांव नगर पंचायत क्षेत्र के प्रसिद्ध शिल्पकार सोनव पाड़े उमराव पांडे इन दिनों पूरे परिवार के साथ देसी फ्रिज मटका घड़ा व अन्य मिट्टी से बने बर्तन बनाने में जुटे हुए हैं गर्मी के चलते ऐन वक्त पर लॉक डाउन होने से इनकी धंधा पूरी तरह चौपट हो गई है वर्तमान में गर्मी के चलते इन लोग मटका घड़ा कलोरी चुकिया गुल्लक नारियल सुरही दीया मलवा गुलदस्ता घंटी कंदील लैंप शिवलिंग घोड़ा हाथी एवं मुसलमानों शादी ब्याह के लिए मिट्टी से बना बर्तन भी तैयार किया जाता है वर्तमान में शादी ब्याह एवं अक्षय तृतीया पर्व मैं मिट्टी से बना घड़ा एवं अन्य सामग्री की मांग करते हैं सभी वस्तु बनकर तैयार है सोनव पाड़े उमराव पांडे ने बताया है कि मिट्टी से बने विभिन्न प्रकार के सामग्री छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रायपुर राजनादगांव भाटापारा राजेंद्र बलोदा बाजार एवं भोपाल तथा राजस्थान तक विशेष मांग होती है इन कुम्हारों में ऑर्डर लेकर लॉकडाउन खुलने का इंतजार कर रहे हैं
मानसिंग वर्मा की रिपोर्ट राजनांदगांव……











