अम्बिकापुर : ग्राम पंचायतों में गठित होगा कोरोना निगरानी दल और बनेंगे कंट्रोलरूम : कलेक्टर ने ग्रामीण क्षत्रो में कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु ली अधिकारियों की बैठक

अम्बिकापुर/ 07 मई 2021/जिले के सभी ग्राम पंचायतों में कोरोना निगरानी दल गठन  के साथ ही  24 घण्टे सक्रिय कंट्रोलरूम भी बनाये  जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना संक्रमण की रोकथाम तथा संक्रमितों पर  पुख्ता निगरानी  रखी जा सके। कलेक्टर संजीव कुमार झा ने गुरुवार को सभी एसडीएमए जनपद सीओओ, तहसीलदार सहित सीएमएचओ, बीएमओ की ऑनलाईन बैठक लेकर ग्रामीण क्षेत्र में फैल रहे कोरोना संक्रमण को रोकने जरूरी दिशा निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा  कि ग्रामीण क्षत्रो में बढ़ रही कोरोना संक्रमण को हैंडल करना बड़ी चुनौती है। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में पॉजिटिव प्रकरण 61 प्रतिशत जबकि शहरी क्षेत्र में 39 प्रतिशत है।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)
mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रो में प्रतिबांधो का कड़ाई से पालन कराएं, होंम आईसोलेशन के मरीज की तबियत बिगड़ने पर तत्काल अस्पताल में भर्ती की व्यवस्था हो ताकि  मृत्यु काम से कम हो। गॉंव में मितानिन के माध्यम से दावा वितरण सनिश्चित हो तथा गाँव मे निगरानी सख्त हो । उन्होंने कहा कि ग्राम एवं पंचायत स्तर पर कोरोना निगरानी दल का गठन कर जिसमे सरपंच, पंच, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कोटवार तथा गॉंव में रहने वाले शिक्षक शामिल हो। निगरानी दल में एक सक्रिय सदस्य को दल प्रभारी बनाये। यह दल गॉव की पूरी निगरानी करेगा और हर आने .जाने वालेए लॉकडाउन  का उल्लंघन, होंम आईसोलेशन के मरीजों की निगरानी भी करेगी। दल प्रभारी कोई भी सूचना तत्काल फोन पर कंट्रोल रूम को सूचित करेगा। कलेक्टर ने कहा कि निगरानी दल के साथ प्रत्येक पंचायत में एक मॉनिटरिंग रूम बनाये जिसमे सक्रिय व्यक्तियो  की डयूटी लगाएं । मॉनिटरिंग रूम में शिकायत पंजी भी हो जिसमे किसी प्रकार की शिकायत हो तो उसे दर्ज की जा सके। हर स्तर पर मॉनिटरिंग की पुख्ता व्यवस्था के लिए पंचायतो का क्लस्टर बनाये और इसका भी प्रभारी अधिकारी बनाएं। एक क्लस्टर में 10 पंचायतो को शामिल करें। क्लस्टर प्रभारी करारोपण अधिकारी या आरईइस के सब इंजीनियर को बनाये।  जनपद स्तर पर मॉनिटरिंग के लिए जनपद पंचायत कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाये। जिला स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग जिला शिक्षा अधिकारी और जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी करेंगे। इसी प्रकार गांव में कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए दल संख्या बढ़ाये। कांटेक्ट ट्रेसिंग की ब्लॉक स्तर पर मोनिटरिंग आरईएस के एसडीओ तथा जा स्तर पर आरईएस के कार्यपालन अभियंता करेंगे। उन्होंने कहा कि  प्रत्येक पंचयात में 10 पल्स ऑक्सीमीटर और 20 थर्मा मीटर अवश्य हो इसके साथ ही मितानिनों के पास पर्याप्त मात्रा में दवा किट उपलब्ध हो। कलेक्टर ने कहा कि सभी सीएचसी के कोरोना वार्ड में  ऑक्सीजनयुक्त  20-20  बेड  तथा ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर भी उपलब्ध रहे और हमेशा सक्रिय रहे। बीएमओ होंम आईसोलेशन के मरीजो को चिकित्सकीय सलाह व परामर्श के लिए 24 घंटे मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लागए और मॉनिटरिंग रूम भी बनाये। जब भी होंम आईसोलेशन के किसी मरीज की स्थिति बिगड़ती है तो उसे  तत्काल अस्पताल में शिफ्ट करने की व्यवस्था हो।
जिला स्तर पर स्थापित होगा कंट्रोल रूम-कलेक्टर ने कहा कि  नगरीय क्षेत्रों के अस्पताल और मरीजो की निगरानी के लिए  डाटा सेंटर में बनाये गए कंट्रोल रूम के तर्ज पर कलेक्टोरेट सभा कक्ष में भी  जिला स्तर पर मॉनिटरिंग के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित होगा। जिसमे  बड़ी टीवी स्क्रीन पर सभी कंट्रोल रूम एकोविड अस्पताल ऑनलाइन जुड़ें रहेंगे। प्रतिदिन कंट्रोल रूम से ही समीक्षा होगी। कंट्रोल रूम के जिला नोडल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ होंगे। प्रतिदिन रात्रि 9 बजे  मेडिकल बुलेटिन जारी होगा जिसमे प्रतिदिन की स्थिति की जानकारी होगी।प्रतिबंधों का  सख्ती से कराएं पालन- कलेक्टर ने कहा कि  गांव में विवाह समेत अन्य सामाजिक कार्यक्रमो में  बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हो रहे है । इसी प्रकार शहर को जोड़ने वाले  ग्रामीण रूट पर भी आवागमन बढ़ गया है। इसे रोकने के लिए एसडीएम तहसीलदार नियमित जांच अभियान चलाएं। संभावित स्थानों  पर पुलिस पेट्रोलिंग करे। इसी प्रकार चेक पोस्ट पर भी सख्ती बरते। अनावश्यक आना-जाना  करने वालों पर रोक  लगाए।