
पलामू में पहलगाम घटना के विरोध में प्रतिकार मार्च, खुले मंच व्हाट्सएप ग्रुप ने उठाई आवाज़
पलामू में पहलगाम में हुई हत्या की घटना के विरोध में खुले मंच व्हाट्सएप ग्रुप के नेतृत्व में प्रतिकार मार्च निकाला गया। वक्ताओं ने धार्मिक कट्टरता के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
पलामू।जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुई लक्षित हत्या की घटना के विरोध में पलामू में “खुला मंच व्हाट्सएप ग्रुप” के बैनर तले प्रतिकार मार्च निकाला गया। इस मार्च की शुरुआत कचहरी शहीद चौक से हुई, जो डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चौक छहमुहान पर जाकर सम्पन्न हुआ। इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में आम नागरिकों ने हिस्सा लिया।
खुला मंच व्हाट्सएप ग्रुप के अध्यक्ष नवदीप सिंह ऋषि ने कहा, “यह सही है कि हर इस्लामिक आतंकवादी नहीं होता, लेकिन गोली खाने वाला ज़रूर हिंदू होता है।” उन्होंने पहलगाम की घटना की तुलना 1990 के दशक की उस त्रासदी से की जब घाटी में मस्जिदों से हिंदुओं को कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था।
ग्रुप एडमिन रजनीश सिंह ने कहा, “जहां इनकी आबादी कम है, वहां भाईचारा दिखता है, लेकिन जहां ये बहुसंख्यक हैं, वहां हिंदू समाज असुरक्षित महसूस करता है।”
कोषाध्यक्ष राहुल मिश्रा ने भावुक अंदाज़ में कहा, “मृतकों से पटी भूमि है, पहचान इसमें कहां तू है। अब समय है जागने का, नहीं तो विनाश निश्चित है।”
सह-कोषाध्यक्ष रितेश कुमार टिंकू ने भी चिंता जताते हुए कहा, “अगर हिंदुस्तान में हिंदू सुरक्षित नहीं रहेगा तो धर्म का पतन सुनिश्चित है।”
वक्ताओं ने सरकार से कड़ी कार्यवाही की मांग करते हुए आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने का आह्वान किया।












